पूछताछ में ठगों ने कुबूला कि उन्होंने विभिन्न जनपदों में कमीशन पर एजेंट रखे थे। इन्हीं एजेंटों के जरिए लोगों को नौकरी का झांसा देकर लखनऊ के होटलों में बुलवाया जाता था। अमूमन निजी कंपनियां आवेदकों को होटलों में बुलाकर इंटरव्यू कराती हैं। इसलिए किसी को शक नहीं होता था। ठग नाका व अन्य जगहों पर होटल बुक करा लेते थे। इंटरव्यू के समय कोई बैंक मैनेजर बन जाता तो कोई असिस्टेंट। इंटरव्यू के दौरान ही आवेदकों से रुपये वसूलकर उनके शैक्षिक दस्तावेज जमा करा लिए जाते थे। रुपया मिलते ही एजेंटों को उनका कमीशन दे दिया जाता था।
आधार कार्ड संशोधन के नाम पर वसूले रुपये, लोगों ने पुलिस को सौंपा
चिनहट के सेमरा गांव में बृहस्पतिवार दोपहर आधार कार्ड संशोधन के नाम पर महिलाओं से रुपये वसूल रहे बाराबंकी के खजुरिहा निवासी अश्वनी कुमार को लोगों ने दबोच लिया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे पकड़कर कोतवाली ले आई। देर रात तक पकड़े गए ठग से पूछताछ की जा रही थी।
कार्यवाहक इंस्पेक्टर आरबी पाल ने बताया कि अश्वनी कुमार कई दिन से गांव आकर आधार कार्ड में नाम-पते का संशोधन व केवाईसी के नाम पर महिलाओं से 50-50 रुपये वसूल रहा था।
बृहस्पतिवार को कुछ लोगों ने रुपये वसूलने पर आपत्ति जताते हुए पुलिस को फोन कर दिया। अश्वनी ने पुलिस को देखा तो माफी मांगते हुए सभी महिलाओं के रुपये लौटा दिए। वह किस कंपनी में काम करता है, यह पूछने पर अश्वनी कुछ बता नहीं सका। उसके पास से कोई आईकार्ड भी नहीं मिला। अश्वनी ने बताया कि इस काम के लिए सत्यप्रकाश नाम के युवक ने उसे भेजा था। फिलहाल किसी ने तहरीर नहीं दी है। देर रात तक अश्वनी से पूछताछ चल रही थी।