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बीटेक-एलएलबी पास चला रहे थे ठगी का गिरोह, भर्ती का झांसा दे मोटी रकम ऐंठते थे, चार गिरफ्तार

Fri, 30 Mar 2018 01:34 AM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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लखनऊ में नाका पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो निजी बैंकों में क्लर्क से लेकर मैनेजर तक के पदों पर भर्ती का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठता था। इस गिरोह को बीटेक व एलएलबी पास युवक चला रहे थे। हत्थे चढ़े चार ठग इलाहाबाद, कानपुर व रायबरेली के हैं। उनके पास से कई फर्जी नियुक्तिपत्र बरामद हुए हैं। एक जालसाज भागा हुआ है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

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इंस्पेक्टर परशुराम सिंह ने बताया कि बाराबंकी के कोठी दरियापुर निवासी सुखदेव ने बीते दिनों ठगी का केस दर्ज कराया था। करीब सालभर पहले एक परिचित के जरिए उसने पत्नी की नौकरी के लिए संपर्क किया था। ठगों ने उसे इंटरव्यू के लिए लखनऊ के नाका इलाके में एक होटल बुलवाया, जहां इलाहाबाद के मेजा थाना क्षेत्र में गुसौरा खुर्द निवासी संदीप कुमार पाल, कानपुर के कल्याणपुर का अभिनव श्रीवास्तव, रायबरेली के लालगंज में रहने वाला आनंद कुमार, गुरुबक्सगंज के स्वामीखेड़ा निवासी पंकज पाल व उत्कर्ष मौजूद थे।

चारों ने खुद को एक निजी बैंक का अधिकारी बताया था। साढ़े तीन लाख रुपये लेने के बाद इंटरव्यू लिया और महीनेभर बाद नियुक्तिपत्र मिल गया। इसमें एक निजी बैंक की लखनऊ के हजरतगंज स्थित शाखा में तैनाती की बात कही गई थी। वह पत्नी को लेकर बैंक पहुंचा तो अफसरों ने नियुक्तिपत्र को फर्जी बताया। इस पर पीड़ित ने केस दर्ज कराया।
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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ठग आलमबाग के न्यू मेट्रो होटल में रुके हैं और बैंक में भर्ती के नाम पर इंटरव्यू चल रहा है। दबिश देकर संदीप, अभिनव, आनंद व पंकज को दबोच लिया। जबकि उत्कर्ष भाग निकला। इंस्पेक्टर ने बताया कि कानपुर के अभिनव ने बीटेक व इलाहाबाद के संजीव ने एलएलबी किया है। आनंद व पंकज भी स्नातक हैं।

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कमीशन एजेंटों के जरिए लोगों को फंसाते थे

पूछताछ में ठगों ने कुबूला कि उन्होंने विभिन्न जनपदों में कमीशन पर एजेंट रखे थे। इन्हीं एजेंटों के जरिए लोगों को नौकरी का झांसा देकर लखनऊ के होटलों में बुलवाया जाता था। अमूमन निजी कंपनियां आवेदकों को होटलों में बुलाकर इंटरव्यू कराती हैं। इसलिए किसी को शक नहीं होता था। ठग नाका व अन्य जगहों पर होटल बुक करा लेते थे। इंटरव्यू के समय कोई बैंक मैनेजर बन जाता तो कोई असिस्टेंट। इंटरव्यू के दौरान ही आवेदकों से रुपये वसूलकर उनके शैक्षिक दस्तावेज जमा करा लिए जाते थे। रुपया मिलते ही एजेंटों को उनका कमीशन दे दिया जाता था।

आधार कार्ड संशोधन के नाम पर वसूले रुपये, लोगों ने पुलिस को सौंपा
चिनहट के सेमरा गांव में बृहस्पतिवार दोपहर आधार कार्ड संशोधन के नाम पर महिलाओं से रुपये वसूल रहे बाराबंकी के खजुरिहा निवासी अश्वनी कुमार को लोगों ने दबोच लिया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे पकड़कर कोतवाली ले आई। देर रात तक पकड़े गए ठग से पूछताछ की जा रही थी।

कार्यवाहक इंस्पेक्टर आरबी पाल ने बताया कि अश्वनी कुमार कई दिन से गांव आकर आधार कार्ड में नाम-पते का संशोधन व केवाईसी के नाम पर महिलाओं से 50-50 रुपये वसूल रहा था।

बृहस्पतिवार को कुछ लोगों ने रुपये वसूलने पर आपत्ति जताते हुए पुलिस को फोन कर दिया। अश्वनी ने पुलिस को देखा तो माफी मांगते हुए सभी महिलाओं के रुपये लौटा दिए। वह किस कंपनी में काम करता है, यह पूछने पर अश्वनी कुछ बता नहीं सका। उसके पास से कोई आईकार्ड भी नहीं मिला। अश्वनी ने बताया कि इस काम के लिए सत्यप्रकाश नाम के युवक ने उसे भेजा था। फिलहाल किसी ने तहरीर नहीं दी है। देर रात तक अश्वनी से पूछताछ चल रही थी।
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