न रंजिश। न अवैध संबंध। न ही रुपयों का विवाद। न लूटपाट। ऑटो चालक दिलीप कुमार पांडे का मर्डर इतनी छोटी सी बात पर हुआ कि शायद ही कोई यकीन कर सके।
जी हां, राजधानी की कृष्णानगर पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस का कुछ ऐसा ही खुलासा किया है। इंस्पेक्टर विकास पांडे का कहना है कि दिलीप का मर्डर सिर्फ ऑटो का किराया न होने के चलते चार बदमाशों ने किया था।
इंस्पेक्टर ने बताया कि कृष्णानगर में आशाराम बापू रोड निवासी दिलीप ने शनिवार रात करीब एक बजे आलमबाग बस स्टेशन से सवारी ली थी। इसके बाद रविवार सुबह सदरौना कांशीराम आवास के पास उसकी लाश पाई गई।
दिलीप की ईंट से कूच-कूचकर हत्या कर दी गई थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि हत्याकांड में कांशीराम आवास कालोनी सदरौना निवासी फैसल अहमद सिद्दीकी, आशू खान, समीर अहमद और अदनान उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार किया गया है।
यह चारों व्यक्ति स्टेशन से 180 रुपये में ऑटो बुक कराकर ले गए थे। इनके साथ एक बच्चा भी था। पूछताछ में चारों ने किराये के विवाद में हत्या की बात कबूल की है। दिलीप की हत्या के बाद चारों अपने घर चले गए थे। इन्हें कालोनी से ही दबोच लिया गया।