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वह ऑटो में बैठी, फिर सिरफिरे ने शुरू कर दिया गंदा खेल

Tue, 24 Dec 2013 09:33 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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पीजीआई थानाक्षेत्र में सोमवार दोपहर नशे में धुत ऑटो चालकों ने कंप्यूटर सीखने जा रही एक छात्रा का सरेराह अपहरण कर लिया।
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शहीद पथ पर चिरैयाबाग के पास छात्रा की चीख सुनकर इंटरसेप्टर पुलिसकर्मियों ने ऑटो चालक को दबोच लिया, जबकि उसका साथी छात्रा का मोबाइल लूटकर फरार हो गया।

पुलिस ने छात्रा को छुड़ाकर उसके घर भेज दिया। वहीं बाद में फरार आरोपी भी दबोच लिया गया।
इंस्पेक्टर पीजीआई अजीत सिंह चौहान के मुताबिक, आशियाना निवासी राजकुमार की 21 वर्षीय बेटी सोनाक्षी (दोनों नाम काल्पनिक) स्नातक करने के बाद कृष्णानगर के एक कंप्यूटर सेंटर से कोर्स कर रही है।
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रोज की तरह सोनाक्षी दोपहर बारह बजे कंप्यूटर सेंटर जाने के लिए घर से निकली और रुचिखंड चौराहे से ऑटो पकड़ा। ऑटो में चालक समेत दो लोग सवार थे। दोनों शराब के नशे में धुत थे।

सोनाक्षी की मानें तो चालक ने ऑटो शहीद पथ की ओर मोड़ दिया। पूछने पर बताया कि पावर हाउस के पास आरटीओ चेकिंग लगी है, इसलिए शहीद पथ होकर चलेंगे।

रमाबाई स्थल के बाद ऑटो में पीछे बैठे युवक ने छेड़खानी शुरू कर दी। छात्रा ने विरोध किया तो युवक ने मजबूती से उसका हाथ पकड़ लिया और मुंह दबा लिया। चालक ने ऑटो गोमतीनगर की ओर दौड़ा दी।

शहीद पथ पर चिरैयाबाग के पास युवक की पकड़ ढीली हुई तो छात्रा ने चीखना-चिल्लाना शुरू किया। शोर सुन इंटरसेप्टर पुलिसकर्मियों ने पीछाकर ऑटो चालक को दबोच लिया, जबकि उसका साथी छात्रा का मोबाइल लूटकर भाग निकला।
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इंटरसेप्टर पुलिसकर्मियों ने आरोपी को पीजीआई पुलिस के हवाले कर दिया। उसकी पहचान रायबरेली के हरचंदपुर निवासी व अभी आशियाना के किला मोहम्मदी में रहने वाले जितेश तिवारी के रूप में हुई।

आरोपी ने फरार साथी का नाम रिंकू सिंह बताया। पुलिस ने जितेश की निशानदेही पर रिंकू को दबोच लिया। किला मोहम्मदी का रहने वाला रिंकू भी ऑटो चलाता है।

आरोपियों ने बुरी नीयत से छात्रा को अगवा करने की कोशिश की बात स्वीकारी है। इंस्पेक्टर का कहना है कि ऑटो आशियाना के सिद्धार्थ त्रिवेदी का है।
महिला ने बचाया प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो फैजाबाद नंबर की इनोवा कार सवार एक महिला की सजगता ने छात्रा को बचाया।

शहीदपथ से गुजर रही महिला की नजर चीख रही छात्रा पर पड़ी तो उसने तुरंत वहां मौजूद इंटरसेप्टर के प्रभारी टीएसआई आनंद कुमार ओझा को जानकारी दी।

आनंद ने भी तत्परता दिखाते हुए आटो का पीछा किया और एक को दबोच लिया। उधर, पूछताछ में चालकों ने कुबूला कि शहीद पथ का रास्ता सुनसान है।

ऐसे में इस रास्ते से गोमतीनगर स्थित अपने एक दोस्त के कमरे तक ले जाने की मंशा थी। पुलिस चालकों के आपराधिक इतिहास की तलाश कर रही है।
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