लखनऊ के पीजीआई थानाक्षेत्र में साउथ सिटी के न्यू पब्लिक कॉलेज के बच्चों को स्कूल लेकर जा रही बस पर सोमवार सुबह युवक ने हमला कर दिया। कुल्हाड़ी लेकर युवक बस के पीछे दौड़ा और खिड़की तोड़ दी। कांच टूटकर बच्चों पर गिरा, जिसमें दो को चोटें आई हैं।
दहशत से बच्चे चीख-पुकार मचाने लगे तो ड्राइवर बस लेकर मौके से भाग निकला। इस बीच राहगीरों की मदद से युवक को दबोचकर उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। हालांकि, स्कूल प्रशासन की तरफ से तहरीर नहीं दी गई थी।
इंस्पेक्टर अरुण कुमार राय ने बताया कि घटना बाबूखेड़ा स्थित पुलिस लाइन के पास की है। सुबह करीब साढ़े सात बजे 24 बच्चों को लेकर स्कूल बस इलाके से गुजरी तो बांस-बल्ली लादे पैदल ही जा रहा इलाके का राम प्रताप कुल्हाड़ी लेकर शोर मचाते हुए पीछे दौड़ पड़ा। उसने बस की पीछे वाली खिड़की पर कुल्हाड़ी मार दी। इससे शीशा टूट गया। कांच बस के भीतर बैठे बच्चों पर गिरा और अंकित व अखंड चोटिल हो गए। दहशत से बच्चे रोने-चीखने लगे।
बस चालक श्याम वाहन लेकर भागा और कुछ दूर सुरक्षित स्थान पर रुककर पुलिस कंट्रोलरूम को सूचना दी। इस बीच राहगीरों ने राम प्रताप को पकड़ लिया। पुलिस मौके पर पहुंची और राम प्रताप को थाना ले आई। चालक ने बताया कि बच्चे बाल-बाल बच गए।
इलाज के बाद ले जाया गया स्कूल
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मामले की जानकारी पाकर स्कूल प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। चोटिल बच्चों का निजी अस्पताल में उपचार कराने के बाद उन्हें स्कूल ले जाया गया। स्कूल के मैनेजर गोपालजी मिश्र ने बताया कि हमलावर नशे की हालत में था। राम प्रताप के बस पर हमले और पकड़े जाने की जानकारी पाकर आए परिवारीजनों का कहना था कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।
बस में सवार बच्चे ने थाना जाकर दी तहरीर
इंस्पेक्टर ने बताया कि परिवारीजनों के हाथ-पैर जोड़ने पर स्कूल प्रशासन ने राम प्रताप के खिलाफ तहरीर नहीं दी, लेकिन बस में सवार गौरव नाम का बच्चा थाने पहुंचा और लिखित शिकायत की। राम प्रताप के पकड़े जाने और बच्चों को स्कूल पहुंचाने के बाद चालक श्याम बस की मरम्मत के लिए उसे गैराज ले गया।
इसके बाद छात्र गौरव ने पीजीआई थाने पहुंचकर तहरीर दी। इंस्पेक्टर का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। उधर, स्कूल प्रशासन ने अभिभावकों को बच्चों के साथ हुए हादसे की खबर दी तो हड़कंप मच गया। अभिभावक अपने बच्चों का हालचाल लेने स्कूल पहुंच गए। लाडलों को सुरक्षित देख उनकी जान में जान आई।