बदमाशों ने बलिया से आ रही एक महिला का पर्स उड़ाया। पर्स में एटीएम था। महिला ने जीआरपी में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही एटीएम कार्ड को ब्लॉक भी करा दिया गया। पर, ब्लॉक होने के आठ मिनट बाद उसके खाते से पैसा निकालना शुरू हो गया।
खास बात है कि महज दस सेकंड में बदमाश ने दो एटीएम बूथ में कार्ड का इस्तेमाल किया जबकि दोनों बूथ के बीच की दूरी तीन किमी थी। सवाल यह भी कि बदमाश को उसका पिन कैसे पता चला। जीआरपी को किसी नतीजे पर न पहुंचते देख दंपती ने साइबर क्राइम सेल में गुहार लगाई, लेकिन उन्हें दिलासा देकर टरका दिया गया।
पीजीआई थाने के श्याम विहार कॉलोनी निवासी सीमा यादव ने बताया कि वह 30 अप्रैल की रात अपनी सास व देवर के साथ बलिया से लौट रही थी। रास्ते में औड़िहार स्टेशन पर बदमाशों ने उसका पर्स चुरा लिया। इसकी भनक लगने पर सीमा ने अपने पति रामप्रताप यादव को कॉल करके वारदात की जानकारी दी।
पुलिस कंट्रोल को फोन किया। रामप्रताप ने रात दो बजकर नौ मिनट तीन सेकंड पर बैंक को कॉल करके पंजाब नेशनल बैंक का एटीएम कार्ड बंद कराया लेकिन बदमाश ने रात 2:17:10 बजे उसके एटीएम से 35 सौ रुपये उड़ाए। तीन सेकंड बाद एक अन्य बूथ में जाकर कार्ड लगाया और एक सेकंड बाद तीसरे बूथ से चार सौ रुपये निकाल लिए। खास बात यह है कि दो अलग-अलग बैंकों के एटीएम बूथ तीन किमी की दूरी पर स्थित हैं और उनमें से एक रात को बंद कर दिया जाता है।
चक्कर काटती रही महिला नहीं सुनी गई शिकायत
वारदात का शिकार बनी सीमा ने एक मई की सुबह चारबाग में ट्रेन से उतरते ही जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई और जीआरपी ने मामला गाजीपुर जिले से संबंधित बताकर तफ्तीश स्थानांतरित कर दी। सीमा अपने पति के साथ जीआरपी के चक्कर काटती रह गई। रामप्रसाद ने बताया कि जीआरपी से कोई नतीजा न निकलते देख वह मंगलवार को हजरतगंज कोतवाली स्थित साइबर क्राइम सेल पहुंचे।
साइबर क्राइम सेल ने नहीं तलाशे इन सवालों के जवाब
3 एटीएम...3 किमी की दूरी...11 सेकंड में कैसे नापी
रामप्रताप यादव ने अपने स्तर से विभिन्न बैंकों से जानकारी जुटाई। पता चला कि बदमाश ने रात 2:17:10 बजे वाराणसी के पहड़िया स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम से 35 सौ रुपये निकाले। इसके दस सेकंड बाद तीन किमी दूर मवैया स्थित बूथ में कार्ड लगाया। रकम न निकलने पर एक सेकंड बाद 2:17:21 बजे बैंक ऑफ इंडिया के पहाड़िया स्थित बूथ से चार सौ रुपये निकाले।
जब एटीएम रात 10 बजे के बाद बंद रहता है तो कैसे निकली रकम
बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों ने उसे जानकारी दी कि पहाड़िया स्थित बूथ रात 10 से सुबह 6 बजे तक बंद रहता है। पहाड़िया का बूथ बंद था तो कैसे उस बूथ से रकम निकाला जाना शो हो रहा है?
पिन नंबर कैसे पता चला
बदमाश ने एटीएम कार्ड उड़ा लिया। पर उसे कैसे एटीएम का पिन नंबर पता चला? पासवर्ड के बगैर रकम कैसे उड़ाई गई, यह सब पता करने में साइबर क्राइम सेल ने रुचि नहीं ली। इंस्पेक्टर जनार्दन दुबे ने सिर्फ 39 सौ की चोरी को भूल जाने की सलाह देकर टरका दिया।
मंगलसूत्र चोरी होने का गम
सफर के दौरान सीमा ने पर्स में रुपये, एटीएम कार्ड, घर की चाबियों के साथ सोने का मंगलसूत्र व मोबाइल भी रख दिया था। वह मंगलसूत्र चोरी होने के गम में आंसू बहाए जा रही है। उसने कहा कि एटीएम से उड़ाए गए 39 सौ रुपये की भरपाई हो जाएगी लेकिन शादी की निशानी मंगलसूत्र कैसे मिलेगा। उसने जीआरपी से इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस व एटीएम बूथ के सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों को ढूंढ निकालने की मांग की लेकिन नतीजा शून्य रहा।