नशीली दवाओं के कारोबारियों को छुड़ाने के लिए तीन लाख रुपये की घूस ले रहे नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के सुपरिटेंडेंट कालिका प्रसाद तिवारी को सीबीआई ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
सीबीआई ने तिवारी को घूस की रकम देते एक अधिवक्ता और बिचौलिए को भी मौके से पकड़ा। उनकी निशानदेही पर कार्रवाई कर सीबीआई ने कुल 25.50 लाख रुपये बरामद किए।
नशीली दवाओं के कारोबारियों के खिलाफ मुहिम चलाकर एनसीबी ने तीन प्रमुख दवा व्यवसायी बलजीत सिंह,विक्की और अनिल जय सिंह समेत चार को गिरफ्तार किया था,उन्हीं को छुड़ाने के लिए यह डील की जा रही थी।
सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच के अफसरों को जब इस डील का पता चला तो वे उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
इस बीच सीबीआई को जानकारी मिली कि एनसीबी सुपरिंटेंडेंट (अधीक्षक) कालिका प्रसाद तिवारी घूस की रकम लेने के लिए इंदिरानगर क्षेत्र में भूतनाथ मोड़ के करीब स्थित एक रेस्टोरेंट में बाराबंकी निवासी अधिवक्ता संत सरन दास व व्यापारी अनित शुक्ला से मिल रहे हैं।
इसके बाद सीबीआई ने कार्रवाई कर तीनों को गिरफ्तार किया। अधिवक्ता के घर से 16, बिचौलिये के यहां से 6.50 लाख मिले।
तीनों को गिरफ्तार करने के बाद मिली जानकारी पर सीबीआई ने बाराबंकी स्थित संत सरन के घर से 16 लाख रुपए व जबकि गोमतीनगर में नेहरू एंक्लेव के पास रहने वाले अनित शुक्ला के घर से 6.50 लाख रुपये बरामद कर लिए।
सीबीआई के मुताबिक दवा व्यापारी अनित ने टीम को बताया कि संत सरन नारकोटिक्स के मामले देखते थे। उनके जरिए ही यह डील हो रही थी। वह तो बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था।
50 लाख में तय हुई थी डील
संतसरन और अनित ने सीबीआई को बताया कि एनसीबी द्वारा पकड़े गए दवा व्यापारियों के खिलाफ चल रही मुहिम को रोकने और कार्यवाही समाप्त करने के लिए 50 लाख रुपये में डील हुई थी।
तीन लाख रुपये तो पेशगी के रूप में दिए जा रहे थे। यह जानकारी भी सामने आई है कि इस मामले में अनित पहले भी दो लाख रुपये एनसीबी के किसी कर्मचारी को दे रखा है।