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मां गुजरी, तो बाप ने पांच बच्चों को घर से निकाला!

Tue, 02 Dec 2014 05:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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शराबी बाप के लिए उसके ही कलेजे के टुकड़े भार बन गए। पांच बच्चों को उसने अपने दोस्त के हवाले कर दिया। पांच दिन में ही आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए उसकी पत्नी एतराज करने लगी।
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मजबूर दोस्त उन मासूम बच्चों को चारबाग स्थित नगर निगम के शेल्टर हाउस में छोड़ आया। यहां भूखे-प्यासे और ठिठुरते बच्चों को देखकर किसी ने नाका पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची पुलिस बच्चों को थाना लाई और उन्हें खाना खिलवाया। बच्चों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उनके पिता को बुलवाकर फटकार लगाई।

इंस्पेक्टर विजय प्रकाश सिंह ने बताया कि फिलहाल बच्चों को पिता की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। मूल रूप से उन्नाव के असोहा गोसाईंगंज निवासी रिक्शा चालक सज्जाद पांच बच्चे सुहैल (10), साहिबा (8), शुएब (6), मोहसिन (5) और डेढ़ साल के असमी के साथ कैंपबेल रोड पर किराए के मकान में रहता था।
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कई दिनों से भूखे थे बच्चे

पत्नी तबस्सुम खान उर्फ रूही की डेढ़ महीना पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। सज्जाद शराब का लती है और दिनभर नशे में धुत रहता है। बच्चों के खाने-पीने का भी उसे खयाल नहीं रहता था।

बच्चों ने कई दिन से भरपेट खाना नहीं खाया था। बीती 25 नवंबर को बच्चों ने सज्जाद से खाना मांगा तो उसने डपट दिया। उसने बच्चों को पीटते हुए घर से निकालने की धमकी दी।

इसके बाद उसने पांचों बच्चों को अपने दोस्त रामाधार को दे दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि रामाधार की पत्नी ने एक-दो दिन बच्चों का ख्याल रखा लेकिन उसकी भी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।
 
रविवार को बच्चों को उसके पिता के सुपुर्द करने को लेकर रामाधार और उसकी पत्नी के बीच काफी कहासुनी हुई। इसके बाद सोमवार को रामाधार पांचों बच्चों को नगर निगम के शेल्टर हाउस में छोड़कर चला गया।
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शराब की लत ने बर्बाद किया घर

सहमे हुए बच्चों को देखकर किसी ने दरोगा शेषनारायन को सूचना दी। मौके पर आए दरोगा ने बच्चों को जीप में बैठाकर नाका थाना भिजवाया। यहां इंस्पेक्टर ने बच्चों से पूछताछ के बाद सज्जाद को थाना बुलवा लिया।

इंस्पेक्टर ने बताया कि सज्जाद शराब का लती है। कुछ महीने पहले उसने असोहा में अपनी जमीन बेचकर राजधानी में एक मकान लिया और बाकी रकम शराब में उड़ा दी।

रुपये खत्म हो गए तो सज्जाद ने मकान बेचकर एक छोटा मकान ले लिया और बाकी रकम से फिर शराब पीने लगा। रुपये खत्म हुए तो सज्जाद मकान बेचकर किराए पर रहने लगा। उसने एक ऑटो खरीदा।

जो रुपये बचे, उसे सज्जाद ने फिर शराब में उड़ा दिए। कुछ दिन पहले उसने ऑटो भी बेच दिया और रिक्शा ले लिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि सज्जाद ने शराब में खुद को बर्बाद कर लिया है। उसे चेतावनी दी गई है। अगर बच्चों का ख्याल नहीं रखा तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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