केजीएमयू में 2017 बैच के छात्रों से मोबाइल फोन पर रैगिंग का मामला सामने आया है। डरे सहमे छात्रों ने अभिभावकों से जब इसकी शिकायत की तो मामला खुला। अभिभावकों ने रैगिंग और धमकाने की जानकारी हॉस्टल प्रभारी को दी।
इसके बाद फोन कॉल करने वाले 2016 बैच के दो सीनियर छात्रों का पता लगाकर उन्हें हॉस्टल से हमेशा के लिए निकाल दिया गया। वहीं रैगिंग की फिराक में खड़े 2016 बैच के अन्य छात्रों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सभी के माता-पिता को नोटिस देकर बुलाया गया है।
केजीएमयू में एमबीबीएस 2017 शुरू होने के बाद रैगिंग का पहला मामला सामने आ गया। 2016 बैच के दो सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों का मोबाइल फोन जुटाया और उन्हें रात को दो बजे फोन करके जमकर धमकाया। आधे घंटे तक उन्हें गालियां दीं और जूनियर छात्रों की तरह बाल छोटे करके आने, सफेद पैंट, काला जूता, लाला मोजे और घुटने तक लंबी एप्रेन पहनने के निर्देश दिए। साथ ही सीनियर को देखते ही नजरें नीचे करने और झुकर सलाम करने के लिए कहा गया।
यही नहीं उनसे ये भी कहा गया कि सभी जूनियर को ये बात बता दो। सीनियर की आधी रात को धमकी से डरे सहमे छात्रों ने अपने माता-पिता को इसकी सूचना दी। इसके बाद परिवारीजनों ने उन्हें ढांढस बंधाया। अभिभावकों ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड और हॉस्टल के प्रोवोस्ट को इसकी जानकारी दी।