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कोर्ट के पास नाली में गिरकर रिटायर्ड एसपीओ की मौत

Wed, 22 Jan 2014 09:32 AM IST
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ
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बहुखंडी सिविल कोर्ट परिसर में मंगलवार दोपहर पानी का पाइप डालने के लिए खोदी गई नाली में गिरकर रिटायर्ड एसपीओ की मौत हो गई।
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आक्रोशित वकीलों ने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

एएसपी प्रोटोकाल और एडीएम प्रशासन ने फोर्स सहित मौके पर पहुंच हालात संभाले। वकील अरविंद कुमार कुशवाहा की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ठेकेदार की तलाश कर रही है।

वरिष्ठ वकील और रिटायर्ड एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफीसर) विजय कुमार धवन (72) कोर्ट आए थे। बहुखंडी परिसर में हवालात जाने वाली सड़क पर जाते समय वकील के.सरन के चैंबर के सामने नाली खुदी होने के चलते गिर पड़े।
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मुंह के बल गिरने के चलते माथा पत्थर से टकराया और खून बहने लगा। वकील महेंद्र नाथ पांडे ने उन्हें संभालने के साथ ही एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस के न पहुंचने पर उन्हें बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया।

लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। खबर फैलते ही वकील बलरामपुर अस्पताल पहुंच गए और ठेकेदार की लापरवाही से मौत की बात कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

सूचना पाकर एएसपी प्रोटोकाल ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी और एडीएम प्रशासन देवेंद्र पांडे सहित पुलिस-प्रशासन के अफसर व कई थानों की फोर्स सहित मौके पर पहुंची। एएसपी ने वकीलों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।

एडीएम ने तत्काल दो लाख रुपये आर्थिक सहायता की घोषणा की। वकीलों का कहना है कि समाज कल्याण विभाग के ठेकेदार ने पानी का पाइप डालने के लिए करीब 20 दिन पहले नाली खोदनी शुरू की थी।

संकरी गली के बीच में नाली खोलने से बुजुर्ग वकीलों और वादकारियों को आने-जाने में दिक्कत होती है। कई लोग गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। जिला जज ने चार दिन पहले ही नाली पटवाने को कहा था,बावजूद इसके ठेकेदार ने ध्यान नहीं दिया।

हादसे की जानकारी पर पहुंचीं बहन सुशीला कपूर ने बताया कि श्री धवन मूल रूप से बहराइच के रहने वाले थे और वर्तमान में कसमंडा हाउस के फ्लैट नंबर 401 में पत्नी निशा के साथ रहते थे। दो बेटी गुड़िया और मीनू हैं,जिनकी शादी हो चुकी है।

कोर्ट परिसर में स्ट्रेचर उपलब्ध कराने की मांग
वकीलों का कहना था कि सही वक्त पर चिकित्सा सुविधा मिल जाती तो शायद विजय कुमार धवन को बचाया जा सकता था। वकीलों ने कहा कि कोर्ट परिसर में कोई हादसा होने पर मरीज या घायल को ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं है।
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मेन गेट पर अतिक्रमण और परिसर में भीड़ के चलते एंबुलेंस कोर्ट में प्रवेश नहीं कर पातीं। गुस्साए वकीलों का कहना था कि दयाशंकर पांडे और नागेंद्र सिंह की मौत भी सही वक्त पर चिकित्सकीय सुविधा न मिलने के चलते हुई थी। वकीलों ने कोर्ट परिसर में स्ट्रेचर व अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है।
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