मृतका की मां का आरोप है, वारदात की सूचना देने के लिए पहले परिजन काकोरी थाने गए। वहां से आरोपियों को भी सूचना दे दी गई। वहां एक प्रधान व कई दबंग किस्म के लोग पहुंचे जो लगातार धमकी दे रहे थे। वे मामले को दबाने में जुटे थे। वे दबाव बना रहे थे कि मेरी बेटी आरोपी से शादी के लिए राजी हो जाए। जब विरोध किया तो उन सबने हमारे परिजनों को धमकाया। परिवार की हत्या तक की धमकी दी। पुलिस से शिकायत करने पर काकोरी में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों ने हमारे परिजनों के साथ मारपीट की।
उप मुख्यमंत्री की फटकार के बाद भी किया जबरन डिस्चार्ज
बेटी के मां के मुताबिक, क्वीनमेरी अस्पताल से जब चिकित्सक जबरदस्ती छुट्टी देने लगे तो इसकी शिकायत मैंने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से की थी। उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को फटकार भी लगाई थी। फिर भी 14 मई को जबरदस्ती छुट्टी दे दी गई। इसके बाद फिर से किशोरी की हालत बिगड़ गई थी।
वीडियो वायरल करने का आरोप
आरोप है कि प्रियांशु जब किशोरी के साथ दुष्कर्म कर रहा था। इस दौरान उसके दो करीबी दोस्त वीडियो बना रहे थे। परिजनों के मुताबिक, जो वीडियो वारदात के समय बनाए गए थे, उसे गांव में कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इस बात की जानकारी होने पर हमारा पूरा परिवार सदमे में था। हालांकि, पुलिस ने वीडियो बनाने व वीडियो वायरल होने की पुष्टि नहीं की है।
केजीएमयू की सफाई : गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थी बच्ची, चल रही थी डायलिसिस
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि दुष्कर्म पीड़िता बच्ची गुर्दे की गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। इसकी वजह से उसकी डायलिसिस भी चल रही थी। दुष्कर्म के बाद बच्ची को किसी प्रकार की इंटरनल इंजरी नहीं थी। इसी वजह से अगले दिन उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था। गुर्दे से संबंधित समस्या होने पर उसे दोबारा भर्ती कराया गया था। उसके शरीर में ओवर फ्लुइड की समस्या होने लगी थी। इसकी वजह से उसके शरीर में जगह-जगह पानी भर गया था। इसी वजह से उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
प्रभारी निरीक्षक अनिल प्रकाश सिंह के मुताबिक, टांडखेड़ा जेहटा गांव निवासी प्रियांशु यादव ने सोशल मीडिया के जरिये किशोरी से दोस्ती की थी। पांच मई को प्रियांशु ने किशोरी को मिलने के लिए आम्रपाली योजना में बुलाया जहां खाली प्लॉट में उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे पीटा। आरोपी किशोरी को वहीं छोड़कर भाग गया। 6 मई को किशोरी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इस दौरान उसे अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। मां के पूछने पर किशोरी ने पूरी बात बताई। 6 मई को ही दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट का केस दर्ज कर लिया गया था। उसी दिन आरोपी प्रियांशु यादव को हिरासत में लेकर जेल भी भेज दिया गया। वहीं, किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनाें ने दी नई तहरीर
सोमवार को पुलिस पर गंभीर आरोप परिजनों ने लगाया था। आरोप था कि दो अज्ञात लोगों के नाम मुकदमे में नहीं लिखा गया था। उनके खिलाफ मुकदमा लिखकर उन्हें पकड़ा जाए। इसपर परिवारीजनों नई तहरीर लिखकर दी है। तहरीर में लिखा गया है कि आरोपी के जेल जाने के बाद परिवारीजनों के मोबाइल पर लगातार धमकी के कॉल व मैसेज किए जा रहे हैं। इसमें दो ज्ञात सहित अज्ञात लोगों के नाम भी परिजनों ने लिखित दिए है। एसीपी काकोरी आशुतोष कुमार सिंह केमुताबिक पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर ही मुकदमा पंजीकृत किया गया था। सोमवार देर शाम को दी गई तहरीर को विवेचना में शामिल कर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।