रिश्वत खोरी के आरोप में गिरफ्तार हुआ दरोगा।
- फोटो : amar ujala
चिनहट में तैनात दरोगा प्रदीप यादव को एंटी करप्शन की टीम ने बुधवार को रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा। उनके पास से एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत के पांच हजार रुपये भी बरामद किये हैं। आरोप है मारपीट के मामले में धारा बढ़ाने के नाम पर दस हजार की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन मुख्यालय में की। इसके बाद ट्रैपिंग टीम को लगाया गया। बुधवार को पीड़ित से 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए चिनहट थाना परिसर से गिरफ्तार किया गया।
एंटी करप्शन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार चिनहट के गंगा विहार कॉलोनी निवासी मनोज कुमार मिश्र को 7 जून को उसके भाई मोहित कुमार ने मारा पीटा था। इस मामले में 8 जून को मनोज ने भाई के खिलाफ चिनहट थाने में मारपीट और धमकाने का मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले की विवेचना दरोगा प्रदीप कुमार यादव को दी गई थी। दारोगा प्रदीप कुमार यादव उनके मामले में धारा बढ़ाने व कार्रवाई करने के लिए 10 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। पीड़ित की इस शिकायत पर एंटी करप्शन की ट्रैपिंग टीम को पीड़ित मनोज के साथ लगाया गया। बातचीत कर मामला 5 हजार रुपये में डील हुआ।
बुधवार को पीड़ित मनोज ने दारोगा से बातचीत की तो उन्होंने उसको रुपये लेकर थाना परिसर में बने सीसीटीएनएस रूम के अंदर बुलाया। एंटी करप्शन की ट्रैपिंग टीम दो सरकारी गवाह के साथ वहां सादे कपड़ों में पीड़ित के साथ पहुंची। पीड़ित मनोज ने जैसे ही दारोगा को पांच हजार रुपये पकड़ाया।
ट्रैपिंग टीम ने दरोगा प्रदीप कुमार यादव को रंगे हाथों पकड़ लिया। एंटी करप्शन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आरोपी दरोगा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ गाजीपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपी दरोगा प्रदीप यादव जून 2021 में चिनहट थाने से तैनात है।