अंजू वर्मा (इनसेट में), मामले की जांच करने पहुंचे पुलिसकर्मी।
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इंदिरानगर में शनिवार को एक महिला ने डॉक्टर पति को वीडियो कॉल कर बीमारी का हवाला देते हुए कहा कि अब जीना नहीं चाहती हूं। मुझे माफ कर देना। ये कहकर उन्होंने फोन काटा तो पति आनन-फानन अस्पताल से घर की तरफ भागे। मगर कुछ मिनट में ही घर से फोन पर खबर मिली कि पत्नी ने उनके लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मार ली है। ट्रॉमा सेंटर ले जाने पर पत्नी को मृत घोषित कर दिया गया।
मूल रूप से बाराबंकी के रामनगर निवासी डॉ. सुधीर वर्मा, बलरामपुर अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट पद पर तैनात हैं। वह इंदिरानगर के सेक्टर दस में सपरिवार रहते हैं। इंदिरानगर इंस्पेक्टर डॉ. रामफल प्रजापति ने बताया कि डॉ. सुधीर की पत्नी अंजू (49) करीब तीन साल से मानसिक बीमारी से परेशान थीं। उनका इलाज भी चल रहा था। इंस्पेक्टर के मुताबिक, शनिवार सुबह डॉ. सुधीर जब बलरामपुर अस्पताल में थे, तभी अंजू ने उन्हें वीडियो कॉल की। कहा कि मेरी बीमारी ठीक नहीं हो सकती। ऐसे में अब और जीना नहीं चाहती।
इसके बाद अंजू ने पति से कहा कि मुझे माफ कर देना। पत्नी के फोन काटते ही उनकी बातों से घबराए डॉ. सुधीर तुरंत घर भागे। मगर चंद मिनट बाद ही घर से फोन कर बताया गया कि अंजू ने उनकी लाइसेंसी रिवॉल्वर से अपनी दायीं कनपटी पर गोली मार ली है। डॉ. सुधीर ने तत्काल पत्नी को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर डॉ. रामफल प्रजापति ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर छानबीन की जा रही है।
घटना से घर में मचा कोहराम
अंजू के खुद को गोली मारने के समय घर में सिर्फ उनकी सास और 18 व 13 साल के दोनों बेटे ही मौजूद थे। गोली चलने की आवाज सुनकर तीनों भागकर कमरे में गए तो अंजू को खून से लथपथ देख चीख पड़े। तुरंत डॉ. सुधीर को फोन करने के साथ ही पड़ोसियों को जानकारी दी।