लखनऊ के गोसाईंगंज के बबुरिहा खेड़ा निवासी रमेश कुमार (45) की शुक्रवार देर रात को गला रेतकर हत्या कर दी गई। उसका शव घर में बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ा मिला। सुबह रमेश का खून से लथपथ शव देखकर परिजनों के होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रमेश के बेटे ने पिता-पुत्र सहित पांच के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया है। आरोपी पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
डीसीपी दक्षिणी राहुल राज के मुताबिक, रमेश के परिवार में मां सुखरानी, पत्नी, बेटा अवधेश, रजनीश, अवधेश की गर्भवती पत्नी, बहन रेनू है। रेनू की शादी नगराम में हुई है। शुक्रवार को वह भी बबुरिहा खेड़ा में ही थी। डीसीपी के मुताबिक, गांव में मकान दो हिस्सों में है। एक पुराना और दूसरा हिस्सा नया बना है। रमेश का खून से लथपथ शव नवनिर्मित मकान के आंगन में मिला।
पूछताछ में सामने आया कि दरवाजा चिपकाया गया था। कुंडी नहीं लगी थी। रमेश का गला चाकू से रेता गया है। प्रभारी निरीक्षक विनय सिंह के मुताबिक, फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए है। सर्विलांस की टीम ने गांव पहुंच कर छानबीन कर रही है। मृतक के करीबी भी राडार पर हैं। मौके पर सक्रिय मिले कुछ नंबरों की डिटेल निकाली जा रही है।
शुक्रवार शाम को हुआ था विवाद
एडीसीपी दक्षिणी मनीषा सिंह के मुताबिक, रमेश की शुक्रवार शाम को नेवल खेड़ा निवासी रिश्तेदार राम सिंह से कहासुनी हुई। इसके बाद उसके बेटे रामभोला और बेटियों वंदना व अर्चना ने उसकी पिटाई कर दी थी। देर रात को पीआरवी की टीम रमेश के घर गई थी। बेटे अवधेश ने बताया कि पिता अक्सर शराब के नशे में विवाद कर लेते हैं। अभी खाना खाकर सो रहे हैं। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कहकर लौट गई थी। परिजनों ने राम सिंह के परिवार पर हत्या का संदेह जताया है।
बार-बार बयान बदल रहे परिजन
पुलिस के मुताबिक, परिजन कई बार बयान बदल चुके हैं। पहले बताया कि रात को रमेश को पुराने मकान में सुलाया था, लेकिन वह नए मकान के आंगन में कैसे पहुंचे। इसका जवाब परिजन नहीं दे पा रहे हैं। नए मकान की छत पर दोनों बेटे, बहन व मां सोई थी। रमेश की पत्नी पुराने मकान में गर्भवती बहू के साथ सो रही थी। सवाल है कि एक ही मकान में छत व आंगन में सो रहे पिता की हत्या होती है और बेटों व बेटियों को आहट तक नहीं हुई।