पारसपट्टी गांव में संपत्ति की लालच में बड़े बेटे ने मां को पीट-पीटकर मार डाला। मां की हत्या के बाद आरोपी बेटा फरार हो गया। ग्रामीणों की सूचना के करीब ढाई घंटे बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुंची।
पुलिस ने पति की तहरीर पर हत्या आरोपी बेटे समेत चार के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपी बेटे की तलाश में दबिश दे रही है।
मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के पारसपट्टी गांव निवासी दलित मग्घू अपनी पत्नी बइला (52) के साथ कच्चे मकान में रहता है जबकि उसका बड़ा बेटा रामसिंगार पत्नी व बच्चों के साथ अलग रहता है।
रामसिंगार कई दिनों से पिता को पट्टे में मिली 10 बिस्वा जमीन खुद के नाम करने के लिए कह रहा था। पिता ने जमीन देने में असमर्थता जताई थी।
बुधवार की शाम रामसिंगार ने पिता और मां की पिटाई की थी जिससे मग्घू का सिर फट गया था। घटना के बाद मग्घू और बइला थाने पहुंचे तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और उसे वापस भेज दिया था।
मां-बाप के थाने जाने से नाराज
गुरुवार की सुबह करीब नौ बजे मां-बाप के थाने जाने से नाराज रामसिंगार ने घर के पीछे मां की पिटाई शुरू कर दी। मां को बचाने दौड़ी बेटी रीता को राम सिंगार ने धक्का देकर गिरा दिया।
बेटे की पिटाई से बइला की मौके पर ही मौत हो गई। मां की मौत के बाद राम सिंगार फरार हो गया। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
करीब ढाई घंटे बाद प्रभारी थानाध्यक्ष दयाशंकर मिश्र और हलका दरोगा रामकृपाल चौहान के साथ वहां पहुंचे और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
पुलिस ने मग्घू की तहरीर पर रामसिंगार के खिलाफ हत्या और सास व ससुर को प्रताड़ित करने के आरोप में रामसिंगार की पत्नी शकुंतला, उसके बेटे गुलशन व बेटी रूबी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
‘प्रधान जी, आप परेशान न हो, अलग से समझ लेंगे’
गांव में दलित महिला की पिटाई से हुई मौत पर ग्रामीणों में खासी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस की लापरवाही के कारण ही बइला की मौत हो गई।
दलित महिला की मौत के बाद पहुंचे ग्राम प्रधान संजय सिंह ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया तो हलका दरोगा रामकृपाल चौहान ने कहा कि प्रधान जी, आप परेशान न हो आप को अलग से समझ लेंगे। इससे प्रधान भड़क गए और पुलिस से उनकी तीखी नोकझोंक हुई।