कर्ज में डूबे एक व्यक्ति ने 12 वर्षीया बेटी को जहर खिलाने के बाद खुद भी खा लिया। इससे दोनों की मौत हो गई। जहर रसगुल्ले में मिलाया गया था।
पत्नी को भी जहरीला रसगुल्ला खिलाने की कोशिश की लेकिन उसने बाद में खाने की बात कहकर मना कर दिया। रविवार रात मिल एरिया क्षेत्र में हुई घटना की सोमवार सुबह जानकारी होने पर सनसनी फैल गई। पुलिस ने पड़ताल कर रही है।
हरदोई जिले के बिलग्राम क्षेत्र में कसराय निवासी वीरेंद्र सिंह (40) मिल एरिया क्षेत्र की मान्यवर कांशीराम कॉलोनी खोर में रहता था। पत्नी सुमन के साथ 12 साल की बेटी सगुन साथ थी। रविवार रात में वीरेंद्र ने रसगुल्ले में जहर मिला दिया। पहले बेटी सगुन को खिलाया और फिर स्वयं खा लिया।
यही नहीं वीरेंद्र ने पत्नी सुमन को भी जहर खिलाने का प्रयास किया था। सुमन ने यह कहते हुए रसगुल्ला खाने से मना कर दिया कि वह खाना खाने के बाद खा लेगी। सुबह पति और बेटी को मरणासन्न देख पत्नी चीखी चिल्लाई तो कॉलोनी में सनसनी फैल गई।
ऑटो खरीदने के लिए लिया लोन
सूचना मिलते ही कॉलोनी के लोग एकत्र हो गए। पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे एसओ राजेश सिंह दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
सुमन ने बताया कि पति ने ऑटो खरीदने के लिए विजया बैंक से दो लाख रुपये लोन लिया था लेकिन वह कर्ज चुका नहीं पाया। बैंक से बराबर नोटिस आ रही थी। स्वयं सहायता समूह की एक महिला से भी 30 रुपये उधार लिए थे।
वीरेंद्र कर्ज के साथ समूह का रुपया नहीं लौटा पा रहा था। इस वजह से परेशान वीरेंद्र ने बेटी और फिर स्वयं जहर खाकर जान दे दी है। एसओ का कहना है कि वीरेंद्र कर्ज में डूबा था।
इससे तंग आकर उसने पहले बेटी और फिर स्वयं जहर खाकर जान दे दी। रसगुल्ले में जहर मिलाकर खिलाया था। पत्नी को भी जहरीला रसगुल्ला देने का प्रयास किया लेकिन उसने नहीं खाया।
फाइनेंसर समेत चार पर मुकदमा, सुसाइड नोट मिला
घटना के संबंध में सोमवार देर शाम फाइनेंसर समेत चार लोगों पर खुदकुशी के लिए प्रेरित करने का मुकदमा हुआ है।
कार्यवाहक एसओ पीके शर्मा ने बताया कि मृतक वीरेंद्र की पत्नी सुमन की तहरीर पर फाइनेंसर शशिकांत के अलावा रेखा सोनकर, बउवा सोनकर, देवी सोनकर निवासी कांशीराम कॉलोनी के खिलाफ धारा 306 के तहत रिपोर्ट लिखी गई है। आरोप है कि उक्त लोग ऑटो खरीदने के बाद आए दिन रुपये मांगते थे।
इससे तंग आकर उसके पति ने पहले बेटी और फिर स्वयं जहर खाकर जान दे दी। एसओने बताया कि जांच के दौरान घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है। उसमें लिखा है कि समूह का पैसा लिया था लेकिन उसको चुकता नहीं कर पा रहा था।
दो लाख रुपये का ऑटो लिया था लेकिन फाइनेंसर ने पुराना टेंपो दे दिया और भुगतान के लिए दबाव बना रहे थे। इसी वजह से मैं अपनी बेटी के साथ खुदकुशी कर रहा हूं। एसओ का कहना है कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।