पुलिस को एक और चुनौती देते हुए बेखौफ हमलावरों ने शनिवार की सुबह नदी किनारे एक वकील को पहले गोली मारी, इतने पर भी मन नहीं माना तो धारदार हथियार से उसका गला रेत डाला।
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पोस्टमार्टम में वकील की गर्दन पर छह वार और शरीर में 35 छर्रे मिले हैं। वकील के भाई ने चाचा व दो चचेरे भाइयों समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। भाई ने बताया कि बिजली के पोल को लेकर चाचा से तनातनी चल रही थी।
हत्या से आक्रोशित भीड़ ने आरोपी के घर धावा बोलकर आग लगाने की कोशिश की। पुलिस पर पथराव किया। वकील के भाई ने चाचा व दो चचेरे भाइयों समेत पांच लोगों को नामजद किया है।
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एसओ बलवंत शाही ने बताया कि गांव देहरामऊ निवासी वकील श्रीकांत सिंह (40) शनिवार सुबह अपने भाई कपिलदेव के साथ लोनी नदी के किनारे गए थे। इस दौरान हमलावरों ने श्रीकांत को निशाना बनाकर दो गोली मारी और धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार करके गला काट दिया।
बिजली के पोल को लेकर बताई रंजिश
गोली व चीखपुकार सुनकर दौड़े कपिल देव ने गांव के ही चंद्रशेखर व श्रवण के साथ अपने चाचा अजय, उसके बेटे नितेश उर्फ विशाल और विकास को हमला करते देख शोर मचाया।
हमलावरों ने कपिलदेव पर भी फायर किए, लेकिन वह बच गए और हमलावर बाइक से भाग निकले। कपिलदेव ने बिजली के पोल को लेकर चाचा अजय से रंजिश का हवाला देते हुए बलवा, हत्या, कातिलाना हमला व जानमाल की धमकी का केस दर्ज कराया है।
आक्रोश, हंगामा, पथराव
वकील श्रीकांत की हत्या से आक्रोशित भीड़ ने उसके चाचा अजय के घर धावा बोल दिया। घर में मौजूद अजय की पत्नी श्यामकली ने बेटी बबली के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया। भीड़ आग लगाने की कोशिश कर ही रही थी कि पुलिस पहुंच गई। डंडा फटकारने पर भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया।
थाने व चौकियों का फोर्स लेकर पहुंचे एसओ ने हालात काबू में किए। बेटी के साथ कमरे से निकली श्यामकली ने श्रीकांत से कोई विवाद न होने की बात कहते हुए प्रधानी की रंजिश का जिक्र किया।
गर्दन पर छह वार, शरीर में 35 छर्रे
डॉक्टरों ने श्रीकांत वर्मा के पोस्टमॉर्टम में गर्दन के बाई तरफ छह घाव और ट्रैकिया कटी पाई। इसके अलावा दाहिनी आंख व सीने पर गोली मारी गई थी। उनके शरीर से 35 छर्रे निकले। पुलिस का कहना है कि हमलवारों को श्रीकांत की दिनचर्या मालूम थी। इसके चलते पूरी तैयारी से नदी किनारे सुनसान स्थान पर वारदात अंजाम दी।
महज पोल का विवाद या कुछ और...
एसओ ने बताया कि गांव में विद्युतीकरण योजना के तहत अजय सिंह के घर के सामने पोल लगाया गया था। प्रधान रायसिंह वर्मा व उसके समर्थकों ने अजय के घर के सामने से लाइन खींचने का विरोध किया था। इसे लेकर 24 मार्च को दोनों पक्षों में विवाद हुआ था और इसमें अजय, विकास व नितेश घायल हुए थे।
अजय की पत्नी श्यामकली की शिकायत पर एसएसपी के आदेश पर रायसिंह, करन वर्मा, रामू, श्यामू, विमल उर्फ रोहित व फकीरे के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया था।
दूसरे पक्ष के रामू वर्मा की पत्नी पम्मी वर्मा की अर्जी पर कोर्ट के आदेश पर 14 अप्रैल को अजय सिंह, विशाल उर्फ नितेश, विक्रांत, विकास व श्यामकली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
प्रधानी की रंजिश का अंदेशा
एसओ का कहना है कि वकील के भाई कपिलदेव ने बिजली के पोल व जमीन की रंजिश बताते हुए अपने चाचा व चचेरे भाइयों समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है, जबकि गांव में प्रधानी की रंजिश की चर्चा है।
ग्रामीणों ने बताया कि वकील श्रीकांत सिंह प्रधान रायसिंह वर्मा के समर्थक थे, जबकि अजय व उसके बेटे पूर्व प्रधान रामकुमार के समर्थक हैं। रायसिंह व रामकुमार के साथ उनके समर्थकों में भी तनातनी बताई गई है।
चौकसी के बावजूद कत्ल
बिजली के पोल को लेकर दो पक्षों में विवाद के चलते इलाके में गश्त के सिपाहियों को गांव देहरामऊ में खास चौकसी के आदेश दिए गए थे। दोनों पक्षों के लोगों को हिदायत दी गई थी और हालात सामान्य चल रहे थे।