अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भाई-बहन के गैंग ने सात व्यापारियों के साथ दमकल विभाग के एक कर्मचारी को भी ब्लैकमेल करके रकम ऐंठी थी। नीरज ने व्यापारी को फोन कर बहन को भेजे अश्लील संदेशों का हवाला देते हुए हड़काया।
अगले दिन आशुतोष ने खुद को वकील बताते हुए व्यापारी से फोन पर बात की। कहा कि संभ्रांत व्यक्ति होकर छिछोरी हरकत की। महिला की जिंदगी तबाह कर डाली। वह कानूनी कार्रवाई के लिए आई है। जाल में फंसे व्यक्ति बदनामी के डर से समझौते के नाम पर रकम देकर पीछा छुड़ा लेते थे।
पकड़े जाने पर भी प्राथमिकी को तैयार नहीं
अपर पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि एक व्यापारी द्वारा दर्ज कराई ब्लैकमेलिंग की प्राथमिकी पर डिंपल, नीरज व आशुतोष को पकड़ा गया। उन्होंने सात अन्य व्यक्तियों को ब्लैकमेल करके 6 लाख रुपये वसूलने की बात कुबूली। पुलिस टीम ने संबंधित व्यक्तियों से संपर्क किया गया। सभी ने मामला उजागर होने पर घर में कलह और बदनामी की बात कहते हुए कानूनी कार्रवाई से इन्कार कर दिया।
बिहार के गोपालगंज जिले के मीरगंज थाने के वरी रायभान के मूलनिवासी डिंपल, नीरज व आशुतोष से पूछताछ में खुलासा हुआ कि उनके पिता एक कंपनी में सुरक्षा प्रभारी थे। माता-पिता की मौत हो चुकी है। तीनों भाई-बहन आठवीं व नवीं तक पढ़ाई कर सके।
विगत दिनों डिंपल से उसके पति संजीव जैन ने नाता तोड़ा और बच्चे को लेकर बिहार चला गया। भाई-बहन चार साल से इंदिरानगर के ए-ब्लॉक में किराए पर रह रहे थे। बताया कि फेसबुक पर शिकार तलाशने के बाद उसे ब्लैकमेलिंग करते थे। ठगी की रकम से ऐशोआराम की जिंदगी जी रहे थे।