अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस आपराधिक गैंग को कई बार दुनिया का सबसे खतरनाक गैंग कहा है। अब इस गैंग के बढ़ते अपराध नई चुनौती बनकर उभर रहे हैं। एक नई समस्या यह है कि अब गैंग में लड़कियां भी शामिल हो रही हैं। होम लैंड सिक्योरिटी के अधिकारी माइकल पैराडो के मुताबिक गैंग लड़कियों को निशाना बनाने के लिए बदनाम रहा है। कहते हैं कि जब कोई लड़की इनके शिकंजे में फंसती है तो यह रेप या मौत में से एक चुनने को कहता है। पर अब इसमें बड़ी संख्या में लड़कियां शामिल हो रही हैं। वह भी खुद अपनी मर्जी से।
गरीबी, बेघर, अकेलेपन और यौन उत्पीड़न से पीड़ित लड़कियां गैंग को अपना सहारा बना लेती हैं। इसमें से लड़कियां बेहद खतरनाक अपराध में शामिल हैं। हालांकि गैंग ज्यादातर लड़कियों का इस्तेमाल वेश्यावृत्ति और यौन गुलाम बनाने के लिए करता है। हालांकि कई बार लड़कियां गर्व महसूस करने के लिए गैंग में शामिल हो जाती हैं।
किलर गर्ल
हाल में एल साल्वेडर में गैंग के एक सदस्य वीनस इराहेता ने अपनी साथी डेमेरिस को 13 बार चाकू मारा था। इराहेता पर हत्या का केस चल रहा है।
2003 में लड़कियों पर लग गई थी पाबंदी
वर्जिनिया में 2003 में 17 साल की एक लड़की ब्रेंडा पाज पर गैंग को धोखा देकर फेडरल अधिकारियों को सूचना देने का आरोप लगा था। गैंग ने बाद में उसकी हत्या कर दी। इसके बाद ऐसे ही कुछ मामलों के बार गैंग में लड़कियों के शामिल होने पर पाबंदी लग गई थी।
8 से 10 हजार सदस्य इस गैंग के अमेरिका में
30 से 50 हजार सदस्यों की संख्या दुनिया में
2 लाख नाबालिग अपराधी पकड़े गए 2012 के बाद से
33 फीसदी इसमें से लड़कियां थीं
1980 में हुई थी शुरुआत
कैलिफोर्निया के लॉस एजेंलिस में इस गैंग की शुरुआत हुई थी। इसके ज्यादातर सदस्य ज्यादातर ग्वाटेमाल, साल्वाडोर और मैक्सिको मूल के हैं। ये ड्रग, मानव तस्करी, हथियारों की तस्करी, अवैध अप्रवास, लूट, चोरी, हत्या, वेश्यावृत्ति और मारपीट जैसे अपराध में शामिल रहा है।