काकोरी क्षेत्र में बदमाशों ने बृहस्पतिवार रात बाग की रखवाली कर रहे दलित किसान को बांके से काटकर मार डाला। उसके बेटे ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई और लाखों के लेनदेन में हत्या का शक जताया है।
कीमती जमीनें बेचने वाले किसान को कई लोगों से मोटी रकम लेनी थी। पुलिस ने कुछ प्रॉपर्टी डीलरों के साथ अन्य लोगों से तहकीकात शुरू की है।
इंस्पेक्टर काकोरी मुखराम यादव ने बताया कि गांव जेहटा निवासी श्रीराम रैदास (55) बीती रात गांव से बाहर बाग में स्थित मड़ैया में सो रहा था। देर रात बदमाशों ने बांके से हमला करके उसकी हत्या कर दी।
सिर व पेट समेत अन्य अंगों पर वार किए गए थे। श्रीराम का बेटा तेज नारायण शुक्रवार सुबह छह बजे बाग में पिता के लिए नाश्ता लेकर गया। वहां श्रीराम का खून से लथपथ शव पड़ा था।
तेज नारायण ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और परिवारीजनों को वारदात की जानकारी दी। श्रीराम के दूसरे बेटे सरवन रैदास ने पुलिस को सूचना दी।
अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके श्रीराम का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कातिलों का पता लगाने के लिए पुलिस ने श्रीराम के परिवारीजनों से तहकीकात की। पता चला कि श्रीराम के दो अन्य भाई रूपन व उमाशंकर हैं।
तीनों ने दो साल पहले गांव के एक व्यक्ति की मध्यस्थता पर एक बीघा 11 बिस्वां जमीन बेची थी। इसमें तीनों को 22.5 लाख रुपये मिलने थे। प्रॉपर्टी डीलर ने प्रत्येक को 16.5 लाख के हिसाब से भुगतान किया और छह-छह लाख बकाया हैं।
इसके अलावा श्रीराम ने कुछ दिनों पहले भी अपनी कुछ जमीन बेची थी। इसके 21.5 लाख रुपये बकाया बताए जा रहे हैं। श्रीराम की बेटी ईलू ने पुलिस को जानकारी दी कि गांव के एक व्यक्ति से 1.60 लाख के लेनदेन का विवाद था।
परिवारीजनों से जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलरों, बिचौलियों व कुछ अन्य लोगों को संदेह के घेरे में लेकर तहकीकात शुरू की है।