मानकनगर में दो टप्पेबाजों ने शनि का प्रकोप और कष्टों से निजात दिलाने की बात कहकर बुजुर्ग दंपती से तीन लाख रुपये के गहने उतरवा लिए। जेवरों से भरी पोटली के बदले कंकड़-पत्थर से भरी थैली थमाकर टप्पेबाज भाग निकले। एसओ मानकनगर ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। टप्पेबाजों की तलाश की जा रही है।
पारा के ढोंढाखेड़ा निवासी लल्लन सिंह ब्रिज वर्कशॉप में मशीन मैन पद से रिटायर हैं। पत्नी फूलमती के साथ वह सुबह इंदौर हॉस्पिटल जा रहे थे। पड़ोसी ने उन्हें अपनी कार से आरडीएसओ में केंद्रीय विद्यालय के पास तक लिफ्ट दे दी।
इसके बाद पति-पत्नी पैदल ही अस्पताल जा रहे थे। तभी बलखंड रोड किनारे एक अजनबी युवक ने उन्हें रोका और पैर छूते हुए कहा कि उसकी मां को फॉलिस का अटैक पड़ गया है।
यहां आसपास हरिद्वार के पुजारी बाबा रहते हैं, जो बड़ी-बड़ी बीमारियां ठीक कर देते हैं। इसी बीच वहां एक पंडित जी आ गए। अजनबी युवक ने उसके भी पैर छुए और बखान करने लगा।
जेवरों की वजह से काम नहीं करते मंत्र
पंडित बने टप्पेबाज ने लल्लन सिंह और उनकी पत्नी फूलमती को देखते ही कहा कि उन पर शनि का प्रकोप है। इसके चलते जोड़ों में दर्द होता है और बीमारियां घेरे रहती है। उसने कहा कि जेवरों की वजह से मंत्र काम नहीं करते हैं।
अपनी जेब से उसने एक पोटली निकाली और बुजुर्ग दंपती से दो सोने की चेन, लॉकेट, दो अंगूठी, बालियां उतरवाकर पोटली उन्हें थमा दी।
तीन मिनट तक ओम नम: शिवाय का जाप कराने को कहा। जब दंपती ने आंख खोली तो दोनो टप्पेबाज वहां नहीं थे। उन्होंने जो थैली पकड़ाई थी, उसमें कंकड़-पत्थर निकले।