लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में बार-बार पढ़ाई को लेकर ताना सुनने से दुखी पांचवीं की एक छात्रा ने रविवार शाम फांसी लगा ली। दो दिन से गुमसुम बेटी को अकेला छोड़कर परिवारवाले काम करने गए थे।
शाम को लौटे तो उन्हें बच्ची की लाश फंदे पर लटकी दिखी। इंस्पेक्टर मोहनलालगंज के मुताबिक, गांव परवरपूरब निवासी किसान मेढ़ीलाल रावत की बेटी नैना (11) गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पांचवीं की छात्रा थी।
नैना स्कूल जाने के लिए तैयार हुई तो घर में झगड़ा होने लगा। इस दौरान परिवार की ही एक महिला ने नैना की पढ़ाई को लेकर ताना मारा।
इसे लेकर नैना की कहासुनी भी हुई। इसके चलते नैना दो दिन से काफी गुमसुम थी। शनिवार को वह स्कूल भी नहीं गई। रविवार को नैना के पिता मेढ़ीलाल खेतों में काम करने चले गए।
भाई हरिशंकर , केशव, अनिल, सरोज भी काम पर गए थे। शाम को इंद्राणी घर लौटी तो उसने देखा कि नैना घर में बांस की बल्ली और धोती के सहारे लटकी हुई थी।