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दोस्त से तमंचा मांगा और दे दी जान, क्यों?

Fri, 26 Dec 2014 04:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
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गुरुवार भोर दोस्त से तमंचा मंगाकर कांस्टेबल भर्ती की तैयारी कर रहे शिवम (22) ने खुदकुशी कर ली। दोस्त के घर से जाने के कुछ देर बाद शिवम ने अपनी कनपटी में तमंचा सटा कर फायर कर दिया।
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पड़ोस के कमरे में मौजूद मां अनसुइया देवी दौड़ कर कमरे में पहुंची तो लहूलुहान बेटे को बिस्तर पर तड़पते देखा। बिस्तर के नीचे फर्श पर देसी तमंचा पड़ा हुआ था।

अस्पताल ले जाने से पहले ही शिवम की नब्ज थम गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने तमंचा कब्जे में ले लिया है। फोरेंसिक टीम की पड़ताल के बाद शव पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया।
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पुलिस शिवम को तमंचा देने वाले दोस्त का पता लगा रही है। शिवम गल्ला मंडी के कृष्णा विहार निवासी श्रवण कुमार तिवारी का बेटा था। परिवार में मां अनसुइया देवी, बड़ा भाई मिलन है।
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बीते दिनों हुआ था एक्सीडेंट

श्रवण की काकादेव देवकी टॉकीज के पास पान शॉप है। मिलन रेलवे गोदाम में प्राइवेट जॉब करता है। दो साल पहले शिवम ने बीएससी सेकेंड ईयर पास किया था। इसके बाद से वह पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
 
बीती 14 दिसंबर को शिवम ने तौधकपुर निवासी दोस्त सचिन शर्मा के साथ अलीगड़ में कांस्टेबल भर्ती की रिटर्न परीक्षा दी थी। बुधवार शाम शिवम बाइक से सचिन के घर जा रहा था।

तभी तौधकपुर रोड पर किसी वाहन की टक्कर से शिवम की बाइक सड़क पर गिर गई। इसमें शिवम के बाएं पैर में फैक्चर हो गया था। तब से वह डिप्रेशन में था। गुरुवार भोर चार बजे शिवम ने सचिन के मोबाइल पर फोन कर उससे तमंचा मंगवाया।

सचिन के घर से जाने के दस मिनट बाद शिवम ने खुद को गोली मार ली। थानाध्यक्ष राजेश पाठक ने बताया परिवारीजनों ने डिप्रेशन में जान देने की बात कही है। शिवम को तमंचा देने वाले दोस्त का पता लगाया जा रहा है।
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