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राधा कृष्ण मंदिर से तीन करोड़ कीमत की मूर्तियां चोरी

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28-रायबरेली में मंगलवार को ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र में मूर्तियां चोरी होने के बाद पुजारी से पूछता - फोटो : RAIBARAILY
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ऊंचाहार (रायबरेली)। कोतवाली क्षेत्र के गोकना गांव स्थित राधाकृष्ण मंदिर से सोमवार की रात चोरों ने तीन अष्ट धातु व तीन पीतल समेत छह मूर्तियां पार कर दी गई। मंगलवार की सुबह पुजारी मंदिर का ताला खोलने पहुंचा तो मूर्तियां गायब देखकर दंग रह गया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। कोतवाल व फोरेंसिक की टीम पहुंची और पड़ताल की। मूर्तियों की कीमत तीन करोड़ बताई जा रही है। उधर, पुलिस का दावा है कि चोरी गई मूर्तियां पीतल की हैं। केस दर्ज कर लिया गया है।
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गंगा नदी के किनारे गोकना गांव में प्राचीन राधाकृष्ण का मंदिर है। मंदिर से क्षेत्र के लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। मंदिर में अष्टधातु की राधा, कृष्ण व माता लक्ष्मी की लगभग पांच-पांच किलो की तीन मूर्तियां स्थापित थी, जबकि तीन छोटी मूर्तियां पीतल की थीं। सोमवार रात नदी की तरफ से छत के रास्ते चोर मंदिर में घुस गए। दरवाजे के ऊपर लगी सीमेंट की जाली तोड़ी और अंदर रखी मूर्तियों को पार कर दिया। मंगलवार सुबह जब पुजारी हरिशंकर त्रिपाठी ने मंदिर का ताला खोला तो मूर्तियां गायब थी। पुजारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चोरी गई मूर्तियों की कीमत तीन करोड़ बताई जा रही है।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई। कोतवाल विनोद कुमार सिंह व फोरेंसिक टीम की सहायक वैज्ञानिक तृप्ति कुशवाहा व फील्ड यूनिट के उमेश सिंह मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए। पुजारी का कहना है कि चोरी गई मूर्तियों की कीमत करीब तीन करोड़ रुपये है।
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दूरदराज से दर्शन करने आते हैं भक्त
- मंदिर के पुजारी हरिशंकर त्रिपाठी का मंदिर से पुराना नाता है। इनके नाना जयनारायन शुक्ल उर्फ चांदी बाबा इस मंदिर के महंत थे। गुरु मंत्र लेने के लिए जनपद के साथ अमेठी सुल्तानपुर व प्रतापगढ़ जनपद लोग यहां आते थे। उनकी मौत के बाद इनके पिता रामपदारथ त्रिपाठी को यह मंदिर विरासत में मिला था। पुजारी ने बताया कि इससे पूर्व 1968 व 2006 मेें मूर्तियों की चोरी हुई थी। पहली बार एक माह बाद व दोबारा 18 दिन बाद पुलिस ने मूर्ति बरामद किया था। चोरी गई मूर्तियों की कीमत तीन करोड़ है।
पहले भी हो चुकी है मंदिर में चोरी की वारदात
- मंदिर में पहले भी चोरी की वारदात हो चुकी है। बता दें कि वर्ष 2006 में हुई चोरी के बाद लोगों ने पुलिस के खिलाफ हंगामा किया था। तत्कालीन एसओ रामजी यादव पर आसपास गांव के लोगों ने चोरी कराने का आरोप लगाया था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक संजय सिंघल के कड़े रूख के बाद पुलिस ने सलोन कोतवाली क्षेत्र से मूर्तियां बरामद की थी। इसमें तीन चोरों को जेल भेजा गया था। अब तीसरी बार मंदिर में चोरी की घटना हुई है।
आए दिन चोरी की वारदातें
तीन करोड़ कीमत की मूर्तियां चोरी होने के बाद स्थानीय पुलिस के अलावा सीओ डलमऊ अशोक सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। भक्तों का कहना है कि सीओ सर्किल संभाल नहीं पा रहे हैं। आए दिन कहीं न कहीं चोरी की वारदातें हो रही हैं। मंदिर में जिस तरह चोरी हुई है, उसने साबित कर दिया है कि पुलिसिंग व्यवस्था बेहतर बनाने में सीओ गंभीर नहीं हैं। स्थानीय पुलिस की ढिलाई का नतीजा है कि इतनी बड़ी चोरी की वारदात हो गई।
ऊंचाहार क्षेत्र के गोकना गांव स्थित मंदिर में मूर्तियों की चोरी की गई है। चोरी गई मूर्तियां पीतल की थी। मामले में केस दर्ज करा दिया गया है। घटना की जांच कराई जा रही है। जल्द वारदात का पर्दाफाश होगा। अशोक सिंह, सीओ डलमऊ
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