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किसानों के साथ नहीं होने दिया जाएगा अत्याचार-अजय कुमार लल्लू

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30-रायबरेली में मंगलवार को हरचंदपुर क्षेत्र के महुआखेड़ा मजरे गुनावर कमंगरपुर गांव में ग्रामीणो? - फोटो : RAIBARAILY
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हरचंदपुर (रायबरेली)। थाना क्षेत्र के महुआखेड़ा मजरे गुनावर कमंगरपुर गांव का मामला सियासत का रूप लेने लगा है। मंगलवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू गांव पहुंचे तो मामला और गरमाया गया। प्रदेश अध्यक्ष जमीन पर बैठ गए। पीड़ित किसानों की पीड़ा सुनी और कहा कि किसानों के साथ अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों तथा महिलाओं के साथ पुलिस, प्रशासन का व्यवहार अमर्यादित था। दबंगों की आड़ में प्रशासन ने ग्रामीणों के साथ बर्बरता पूर्ण व्यवहार किया है, जिसकी हर स्तर पर निंदा की जाएगी। ग्रामीणों के हित में निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
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मंगलवार को अचानक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू गांव पहुंचे, जहां ग्रामीणों के बीच बैठकर उन्होंने पूरे प्रकरण का सच जाना। ग्रामीण रुकमीना ने बताया कि खेतों पर की जा रही नापजोख की जानकारी लेने पहुंची तो पुलिस ने पिटाई कर दी। ग्रामीणों से बातचीत करने के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है। किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। गांव में भू-माफिया किसानों का खुले आम उत्पीड़न कर उनकी जमीन हथियाने में लगे हैं।
उन्होंने कहा कि गांव में चकबंदी के प्रकरण को लेकर पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीणों के साथ अन्याय होने की आशंका व्यक्त की गई थी। कुछेक दबंगों के इशारे पर चकबंदी विभाग तथा पुलिस प्रशासन द्वारा ग्रामीणों तथा महिलाओं की पिटाई व उन्हें गंभीर मुकदमा में नामजद किया गया, जो कि ग्रामीणों के साथ ज्यादती है। लगभग आधे घंटे बातचीत करने के बाद ग्रामीणों को संभव मदद का आश्वासन देकर प्रदेश अध्यक्ष गांव से रवाना हो गए। अमेठी एमएलसी दीपक सिंह, कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी, रमेश शुक्ला, दीपक सिंह, दिलीप तिवारी, सत्य प्रकाश पांडेय, अनूप अवस्थी, मनोज तिवारी मौजूद रहे। गौरतलब है कि महुआखेड़ा गांव में शनिवार को चकबंदी के दौरान बवाल हो गया था। ग्रामीणों ने पुलिस पर हमला बोल दिया था। इसमें थानेदार समेत तीन पुलिस कर्मी घायल हुए थे।
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चकबंदी अधिकारियों पर हो कार्रवाई, भेजा जाए जेल
ग्रामीणों का कहना है कि हम पर तो कार्रवाई का दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन चकबंदी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की कौन कहे, उनसे यह तक नहीं पूछा जा रहा है कि चकबंदी में मनमानी क्यों की जा रही थी। सैकड़ों बीघे जमीन की हेराफेरी कर ली गई है। अधिकारी सबकुछ जानकर अंजान बने हैं। अफसरों को चाहिए कि प्रकरण की जांच कराएं और दोषी चकबंदी अधिकारियों को जेल भेजें। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को बताया कि पुलिस हमारा उत्पीड़न कर रही है। दबंगों के इशारे पर काम कर रही है।
हम लोगों का जीना दुश्वार
ग्रामीणों का कहना है कि दबंग नेता व उनके भाइयों की मनमानी से क्षेत्रीय लोगों का जीना दुश्वार है। जो उनकी बात नहीं सुनता और उनकी हां हजूरी नहीं करता, उसे परेशान किया जाता है। गुनावर कमंगरपुर गांव में इस बार दबंग नेता का चहेता प्रधानी का चुनाव नहीं जीत पाया। नेता के विरोध का प्रत्याशी चुनाव जीत गया। प्रधान और उनके समर्थक मनमाने तरीके से चकबंदी का विरोध कर रहे थे। अफसर कुर्सी बचाने के लिए दबंग नेता व उनके भाइयों के खिलाफ कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। क्षेत्र के विरोधी प्रधान को धमकाना दबंग नेता व उनके भाइयों का हिस्सा बन गया है।
जल्द करेंगे मामले की जांच-विश्वजीत
अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि हरचंदपुर क्षेत्र में हुए बवाल के मामले की जांच उन्हें सौंपी गई है। जल्द जांच शुरू करके पता लगाया जाएगा कि विवाद की पीछे असली वजह क्या रही। बवाल में जो लोग शामिल थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले में किसी निर्दोष व्यक्ति को नहीं फंसाया जाएगा।
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