गोंडा। टिकरी के ठठेरपुरवा में नूरुल हसन के मकान में मंगलवार को हुए विस्फोट में परिवार के आठ लोगों की मौत हो गई। धमाके में सात लोग घायल भी हुए। विस्फोट इतना तेज था कि नूरुल हसन के दो मंजिला मकान समेत पड़ोसी का मकान भी धराशायी हो गया। हादसे के बाद बम डिस्पोजल दस्ते समेत फॉरेिसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। शासन ने धमाके की गंभीरता को देखते हुए जांच में एटीएस को लगाया। एटीएस की टीम को पड़ताल के दौरान मलबे से कुछ संदिग्ध वस्तुएं मिली हैं। एसटीएस ने फोरेंसिक लेबोरेटरी आगरा भेजा है। जांच के बाद एटीएस धमाके का राज खोलेगी।
वजीरगंज थाना क्षेत्र के टिकरी के ठठेरपुरवा निवासी नुरुलहसन पुत्र नसीहत अली के घर पर मंगलवार की रात दस बजे खाना पकाते समय हुए विस्फोट में नूरुल हसन के तीन बेटे शमशाद अहमद (23), सिराज (11) व निसार अहमद(35) पुत्र नूरुल हसन के साथ ही रूबीना बानो(32) पुत्री नूरुल हसन तथा शहरुलनिशा(40) पत्नी निसार अहमद, शहबाज 16 पुत्र निसार अहमद, नूर सबा 10 पुत्री निसार अहमद, मेराज व मोहम्मद शुऐब 3 पुत्र मोहम्मद आरिफ की मौत हो थी।
विस्फोट में इरशाद अहमद(32) पुत्र नूरुल हसन, रेहान (10) पुत्र आरिफ, निजाम 10 पुत्र आरिफ, मोहम्मद जैद(8) पुत्र निसार अहमद, नूरुल हसन (60) पुत्र नसीरूद्दीन, गुलनाज बानो(18) पुत्री फकीर मोहम्मद व अनीसा बानो (28) पुत्री इरशाद गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अयोध्या से बम डिस्पोजल दस्ता, जिले की फॉरेंसिक टीम के साथ ही गोरखपुर की फॉरेसिक टीम को जांच में लगाया गया। सभी टीमें किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। इसी बीच शासन ने विस्फोट की गंभीरता को देखते हुए जांच की कमान एटीएस को सौंपी।
बुधवार देरशाम ठठेरपुरवा पहुंची एटीएस की टीम ने पड़ताल की तो धराशायी मकान के मलबे में संदिग्ध वस्तुएं मिलीं। आईजी देवीपाटन रेंज डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि एटीएस को कुुछ वस्तुएं पड़ताल के दौरान मिली हैं, जिसे फॉरेंसिक लेबोरेटरी आगरा भेजा गया है। एटीएस विभिन्न बिन्दुुओं पर अपनी ओर से जांच करेगी। इसके बाद धमाके का कारण पता चल सकेगा।
नम आंखों से दफनाए गए आठ लोगों के शव
थाना वजीरगंज क्षेत्र के टिकरी के ठठेरपुरवा में मंगलवार की देररात विस्फोट में नूरुल हसन के परिवार आठ लोगों की मौत हो गई। बुधवार को सभी शवों के पोस्मार्टम के बाद देररात नूरूल हसन के बेटे के पूना से पहुंचने के बाद गांव के कब्रिस्तान में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में शवों को दफनाया गया। एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत से सभी की आंखें नम थीं। शवों के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। गांव में दूूसरे दिन भी मातमी सन्नाटा पसरा रहा।