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क्राइम ब्रांच का खाका बदला, होगी हाईटेक, साइबर क्राइम के मामले भी हल करेगी

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क्राइम ब्रांच होगी हाईटेक, साइबर अपराध के मामले भी हल करेगी, हजरतगंज से होगी अपराधियों की निगरानी
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क्राइम ब्रांच का खाका बदल गया है। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने क्राइम ब्रांच को हाईटेक करने के साथ ही इसे दो हिस्सों में बांटकर जिम्मेदारियां बढ़ा दी हैं।
अब क्राइम ब्रांच साइबर अपराध से जुड़े केस भी हल करेगी। यह फैसला एसएसपी ने बृहस्पतिवार दोपहर क्राइम ब्रांच के हजरतगंज स्थित कार्यालय के निरीक्षण के बाद लिया।
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उन्होंने बताया कि विवेचना का काम पुलिस ऑफिस से होगा जबकि अपराध और अपराधियों व माफिया गिरोहों की निगरानी हजरतगंज स्थित कार्यालय से ही की जाएगी।
एसएसपी ने बताया कि हजरतगंज स्थित ऑफिस में कंप्यूटर के अलावा सर्विलांस व अन्य उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। यही टीम अपराधियों की धरपकड़, अनसुलझी वारदातों के खुलासे और गिरोहों की निगरानी करेगी।
उन्होंने एएसपी क्राइम को साइबर सेल का नोडल अधिकारी बनाते हुए साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच भी क्राइम ब्रांच को करने के लिए कहा है। एसएसपी ने कहा कि
सीओ क्राइम (सीओ गाजीपुर) व सीओ साइबर सेल (सीओ हजरतगंज) भी एएसपी क्राइम के अधीन काम करेंगे। उन्होंने बताया कि क्राइम ब्रांच की विवेचना सेल को डालीगंज स्थित पुलिस ऑफिस में शिफ्ट किया जाएगा।
विवेचना सेल में तैनात क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मी वर्दी में दुरुस्त रहेंगे। इस दौरान एसएसपी ने हजरतगंज कोतवाली, महिला थाना, एएसपी पूर्वी कार्यालय, सीओ हजरतगंज के कार्यालय और साइबर सेल का भी भ्रमण किया।
उन्होंने परिसर में सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए कहा। कोतवाली के स्वागत कक्ष में स्थित खोया-पाया सिंगल विंडो का निरीक्षण करते हुए एसएसपी ने वहां अधिक सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए।
साइबर क्राइम के गैंग का होगा पंजीकरण
एसएसपी ने बताया कि साइबर अपराध करने वाले गिरोहों का भी पंजीकरण किया जाएगा। अभी तक हत्या, लूट, डकैती, चोरी, नकबजनी और ठगी समेत अन्य अपराध से संबंधित गिरोह पंजीकृत होते थे। चूंकि, साइबर अपराध भी संगठित तरीके से होता है इसलिए साइबर क्राइम के गैंग भी पंजीकृत किए जाएंगे।
200 बडे़ अपराधियों पर रखेगी नजर
राजधानी में सक्रिय 200 बड़े अपराधियों की पल-पल की गतिविधियों पर क्राइम ब्रांच की नजर होगी। एसएसपी ने बताया कि ऐसे बड़े अपराधियों की एक सूची बनाई गई है जो जेल के भीतर अथवा भूमिगत रहकर या फिर जमानत की आड़ में वारदातें करा रहे हैं।
हजरतगंज में सिंगल विंडो पर होगी साइबर अपराध से पीड़ितों की एफआईआर
एसएसपी ने बताया कि लोगों के खाते से रुपये उड़ाने, एटीएम कार्ड के क्लोन बनाकर खाते साफ करने, बीमा पॉलिसी और ओएलएक्स पर खरीद-फरोख्त के नाम पर ठगी के मामले रोज सामने आ रहे हैं। अब हजरतगंज कोतवाली स्थित साइबर सेल में सिंगल विंडो में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पीड़ितों को रिसीविंग दी जाएगी। इसके बाद वह यूपी कॉप एप से एफआईआर दर्ज करा सकेंगे। सभी थानेदारों को साइबर अपराध के शिकार लोगों को सिंगल विंडो में भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
जैकेट में लिखा होगा ‘क्राइम ब्रांच लखनऊ’, संख्या भी बढे़गी
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों-कर्मचारियों का अलग से ड्रेस कोड होगा। एसएसपी ने बताया कि मुंबई व अन्य बड़े शहरों की तर्ज पर क्राइम ब्रांच की टीम जैकेट पहने होगी जिसमें ‘क्राइम ब्रांच लखनऊ’ लिखा होगा। साथ ही क्राइम ब्रांच को और प्रभावी बनाने के लिए कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
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सभी एएसपी 30-30 पुलिसकर्मियों की बनाएंगे टीम
एसएसपी ने सभी एएसपी को 30-30 सिपाहियों की टीम बनाने को कहा है। उन्होंने बताया कि इस टीम में तेज-तर्रार लोगों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए बाकायदा इंटरव्यू लिया जाएगा। टीम मे पुलिसकर्मियों का रिपोर्ट कार्ड भी बनेगा। यह पुलिसकर्मी जमीनी स्तर पर अपराधियों की सुरागरसी-पतारसी, अपराध नियंत्रण और वारदातों के खुलासे के लिए काम करेंगे।
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