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विस्फोट की साजिश रचने वालों से हुई पूछताछ

Wed, 08 Jan 2014 09:32 AM IST
विष्णु मोहन/अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
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दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान विस्फोट की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से संपर्क रखने वाले मुजफ्फरनगर व शामली के दो लोगों को दिल्ली क्राइम ब्रांच पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की।
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दोनों को तलाशने में यूपी पुलिस ने मदद की। बताया जा रहा है कि दोनों की आतंकी गतिविधियों में कोई संलिप्तता नहीं पाए जाने पर उनका बयान दर्ज कर उनके परिवारीजनों के हवाले कर दिया गया।

क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के लिए यूपी एटीएस की एक टीम वहां रवाना की गई है।
आईजी कानून व्यवस्था अमरेंद्र सेंगर ने मंगलवार को दिल्ली क्राइम ब्रांच की इस पूछताछ की यहां जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मुजफ्फरनगर या शामली के राहत शिविरों से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने शामली व मुजफ्फरनगर के दो लोगों को यूपी पुलिस ने चिह्नित कर उनकी जानकारी दिल्ली क्राइम ब्रांच को दी थी।
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दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दिल्ली पुलिस ने थाना स्पेशल सेल में सात दिसंबर 2013 को अनलॉफुल एक्टिविटी प्रिवेंशन एक्ट व 120-बी आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज करा था।

यह मुकदमा दिल्ली में विधानसभा चुनाव के दौरान विस्फोट जैसी आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश रचने के आरोप में किया गया था।

इस सिलसिले में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने मेवात, हरियाणा निवासी मोहम्मद राशिद और मोहम्मद शाहिद को नामजद किया था, जिन्हें बाद में दबोच लिया गया।

क्राइम ब्रांच की पूछताछ में मोहम्मद राशिद और मोहम्मद शाहिद ने मुजफ्फरनगर व शामली के दो लोगों के उनके संपर्क में होने की बात कही थी।

यूपी पुलिस से मिली जानकारी के बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दो जनवरी को शामली के भवन थाना क्षेत्र के जलालाबाद निवासी मसूद अहमद के पुत्र जमीलुल इस्लाम और तीन जनवरी को मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र के कुलहड़ी के लियाकत पुत्र नानू से पूछताछ की तो कहानी कुछ अलग निकली।

दोनों ने बताया कि राशिद व शाहिद ने उनसे संपर्क कर उन्हें निर्माण कार्य कराने के बहाने से मेवात बुलाया था। यहां उनसे काम न कराकर उन्हें जिहाद से जुड़ने को कहा गया था।

इसके बाद वे वापस लौट आए थे और तबसे न उन्होंने दोनों से संपर्क किया न ही किसी अन्य गतिविधि से जुड़े। इन दोनों से मिली जानकारी की गिरफ्तार आतंकियों के बयान से पुष्टि की गई।

साथ ही यूपी पुलिस से उनकी गतिविधियों की तस्दीक कराई गई। दोनों द्वारा दी गई जानकारी सही पाई गई तो उनका कलमबंद बयान दर्ज करने के बाद उन्हें उनके परिवार के सदस्यों के सुपुर्द कर दिया गया।
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