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अब यूपी के हर जिले में होगी क्राइम ब्रांच

Thu, 18 Sep 2014 01:42 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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साइबर क्राइम, अपहरण, डकैती व लूट जैसे मामलों पर अंकुश व खुलासे के लिए अब हर जिले में एक क्राइम ब्रांच का गठन होगा। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक क्राइम की तैनाती की जाएगी। साथ ही हर थाने में इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराई जाएगी ताकि सूचनाओं का आदान-प्रदान तेजी से हो सके।
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मुख्य सचिव ने पुलिस अफसरों को अपराधियों के साथ उनको संरक्षण देने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बुधवार को गृह व कारागार विभाग की समीक्षा के दौरान गंभीर अपराधों में तेजी से कार्रवाई के लिए क्राइम ब्रांच के गठन का निर्देश दिया।

इसे हत्या के उन गंभीर मामलों को सौंपा जाएगा, जिसका खुलासा स्थानीय पुलिस न कर पा रही हो। साइबर क्राइम, अपहरण, डकैती, लूट आदि मामलों का जांच, विश्लेषण व परीक्षण का भी क्राइम ब्रांच ही करेगी। यह एसएसपी के निर्देशन में काम करेगा और इसे एसएसपी ऑफिस या पुलिस लाइन में स्थापित किया जाएगा।
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लखनऊ में कंट्रोल रूम अगले माह

मुख्य सचिव ने 5389 रैंकर उपनिरीक्षकों की विभागीय पदोन्नति 30 नवंबर तक करने के निर्देश दिए। इसके अलावा 3698 उपनिरीक्षकों व 312 प्लाटून कमांडर पीएसी के रिक्त पदों पर चयन की प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरी करनी होगी।

35500 पुलिस आरक्षी, 4033 आरक्षी पीएसी व 2077 फायरमैन के पदों के लिए चयन की कार्यवाही मार्च 2015 तक पूरी कर अंतिम परिणाम घोषित करने होंगे। इसके अलावा शासन ने रिक्त पदों पर चयनित होने वाले पुलिस कांस्टेबल, उपनिरीक्षक, निरीक्षक व क्षेत्राधिकारियों की नियमित ट्रेनिंग के लिए प्रशिक्षण नीति बनाने का निर्देश दिया है।

छह जिलों में अत्याधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किए जाने हैं। मुख्य सचिव ने कानपुर में कंट्रोल रूम शुरू होने का हवाला देते हुए अन्य के लिए भी डेडलाइन तय कर दी। लखनऊ व इलाहाबाद में अक्तूबरव गाजियाबाद में नवंबर तक कंट्रोल रूम शुरू करना होगा।
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अप्रिय घटना हुई तो थाना प्रभारी नपेंगे

मुख्य सचिव ने कहा है कि किसी भी क्षेत्र में अप्रिय घटना होने पर संबंधित थाना प्रभारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। यदि घटना स्थल पर समय से संबंधित क्षेत्र की पुलिस नहीं पहुंचती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

जेलों में लगेंगे जैमर
सूबे की जेलों में मोबाइल फोन जैमर लगाए जाएंगे। इसके अलावा मेटल डिटेक्टर, मुलाकातियों से आईडी प्रूफ लेने, सीसीटीवी कैमरे, वायरलेस सेट व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आदि की व्यवस्था प्राथमिकता से करनी होगी।

मुख्य सचिव ने बंदी रक्षकों के खाली पदों पर भर्ती के लिए जल्द से जल्द विभागीय नियमावली में संशोधन कराने का निर्देश दिया। नए जिलों में जेलों के निर्माण के लिए ग्राम समाज की भूमि अथवा शासकीय भूमि का चयन कराने को कहा।
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