राजधानी में शहीद पथ के निकट निजी, सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) के आधार पर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम व स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के निर्माण को कैबिनेट ने मंगलवार को हरी झंडी दे दी।
स्टेडियम के लिए आरक्षित 137 एकड़ जमीन पर बहुत जल्द ही निर्माण शुरू कराने की तैयारी है।
इसमें से 70 एकड़ भूमि पर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और खेल परिसर बनाया जाएगा।
बाकी 67 एकड़ भूमि स्टेडियम और खेल परिसर निर्माण करने वाली कंपनी को रीयल एस्टेट डवलपमेंट के लिए दी जाएगी।
35 वर्ष तक विकासकर्ता कंपनी के पास इस स्टेडियम के रखरखाव व संचालन का जिम्मा रहेगा।
बाद में यह खेल निदेशालय को हस्तांतरित कर दिया जाएगा। 23 दिसंबर को इसकी तकनीकी बिड खोले जाने की संभावना है।
शहीद पथ के पास लगभग पांच साल से 137 एकड़ भूमि पर पीपीपी मॉडल पर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बनाने का प्रस्ताव था।
यह जमीन स्टेडियम निर्माण करने वाली संस्था को आवासीय अथवा अन्य उपयोग के लिए 35 वर्षो की लीज पर दी जानी थी।
सपा सरकार आने के बाद कुछ समय के लिए यह चर्चा छिड़ी कि स्टेडियम का निर्माण कोई सरकारी एजेंसी करेगी और रीयल एस्टेट डवलपमेंट के लिए जो भूमि दी जानी है, उसे नीलाम किया जाएगा।
मगर, आखिरकार पीपीपी को ही बेहतर विकल्प मानते हुए कैबिनेट ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को मंजूर कर दिया।
मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने बताया कि यहां बनाए जाने वाले खेल परिसर में आईसीसी के मानकों वाला क्रिकेट स्टेडियम, फुटबाल व हाकी स्टेडियम, बैडमिंटन और लॉन टेनिस अकादमी के अलावा कुछ अन्य इंडोर गेम्स का इंतजाम किया जाएगा।
35 साल तक रखरखाव आदि का खर्च विकासकर्ता कंपनी के ही जिम्मे होगा। इस खेल परिसर का निर्माण चक गंजरिया योजना के साथ समग्रता से किया जाएगा ताकि दोनों परियोजनाओं में एकरूपता बनी रहे।
प्रमुख सचिव आवास सदाकांत का कहना है कि पीपीपी मॉडल पर 50 हजार दर्शक क्षमता वाले स्टेडियम व खेल परिसर के निर्माण के लिए आरएफक्यू व आरएफपी मसौदे को भी अनुमोदन मिल गया है। जल्द ही इसके लिए बिड आमंत्रित की जाएगी।