जीएसटी की मार से दीपावली पर पटाखों का धूम-धड़ाका इस बार कुछ कम हो सकता है। टैक्स दर दोगुनी किए जाने से पटाखा बाजार बीते साल के मुकाबले 35 फीसदी तक महंगा होगा। व्यापारियों का कहना है कि अब तक पटाखा-आतिशबाजी पर 14 फीसदी टैक्स लगता था, जो जीएसटी के बाद 28 फीसदी हो गया है।
वहीं, प्रशासनिक सख्ती व सुरक्षा मानकों के अनुपालन के कारण दुकान खर्च भी 15 फीसदी तक बढ़ गया है। ऐसे में 30 से 35 फीसदी तक ऊंचे दाम पर पटाखे बेचना दुकानदारों की मजबूरी होगी। थोक पटाखा कारोबार से जुड़े सतीश मिश्र ने बताया कि पांच साल पहले छोटे अनार के पैकेट की कीमत 30 रुपये थी, जो अब 90 रुपये पहुंच गई है।
20 रुपये में बिकने वाले छोटी चकरी के पैकेट 55 रुपये में बिक रहे हैं। पटाखा व्यापारी अखिलेश गुप्ता बताते हैं कि एक तो थोक खरीद जीएसटी के कारण महंगी हुई है, वहीं पर्यावरण सुरक्षा व कोर्ट की सख्ती से फुटकर पटाखा बिक्री पर प्रशासन की सख्ती से मूल लागत भी निकाल पाना चुनौती लग रहा है।