श्रावस्ती। जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए अब पशुपालन विभाग बाल विकास परियोजना का सहयोग करेगा। एनिमिक, गर्भवती व धात्री महिलाओं सहित सैम मैम बच्चों का कुपोषण मिटाने के परिजनों को निशुल्क दुधारू गाय देगा। यही नहीं इच्छुक परिजनों को गो पालन के लिए विभाग प्रतिदिन 50 रुपये पैसा भी देगा। इससे कुपोषण की जंग लड़ने में सहयोग तो मिलेगा ही। साथ ही छुट्टा मवेशियों के अधिभार से जूझ रही गोशालाओं को भी राहत मिलेगी।
तराई में जहां निराश्रित गोवंशों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। वहीं एनीमिक महिलाओं व सैम मैम (ऐसी अवस्था हैं जिसमें वसा व मांसपेशी की कमी की वजह से बच्चा कमजोर व बहुत दुबला दिखता है। सैम / मैम की पहचान लंबाई / ऊंचाई के सापेक्ष वजन को नापने से होती हैं।) बच्चों की संख्या भी लगातार बढ़ी है। ऐसे में कुपोषण की जंग लड़ रहे, स्वास्थ्य व बाल विकास परियोजना में अब पशुपालन विभाग भी सहयोग करेगा।
कुपोषित बच्चों, एनिमिक सहित गर्भवती व धात्री महिलाओं को बाल विकास परियोजना की ओर से पशुपालन विभाग के सहयोग से निशुल्क दुधारू गाय दी जाएंगी। साथ ही उसके पालन के लिए पशुपालकों को 50 रुपये प्रतिदिन सहयोग राशि भी प्रदान की जाएगी। जिले में मौजूदा समय 5345 कुपोषित बच्चे चिह्नित हैं। साथ ही करीब 5000 एनिमिक व गर्भवती महिलाएं भी हैं। दुधारू गायों को लेने के इच्छुकों को अपने क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क करना होगा। इनके माध्यम से आवेदन संबंधित विभाग को भेजा जाएगा। इसके बाद क्षेत्रीय गोशाला से दुधारू गाय दिलाई जाएगी। (संवाद)
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5,345 बच्चे कुपोषण का शिकार
आईसीडीएस विभाग के सर्वे के अनुसार जिले में 5,345 बच्चों को कुपोषित घोषित किया गया है। इसमें 1372 कुपोषित व 3973 अति कुपोषित बच्चे शामिल हैं। हालांकि इनमें से 1148 बच्चों की सेहत में सुधार भी हुआ है जबकि 4197 बच्चे अभी भी कुपोषण से जंग लड़ रहे हैं। इसी तरह 5000 महिलाएं खून की कमी से ग्रसित हैं। जबकि 5500 धात्री महिलाएं हैं जिन्हें भी पूरक आहार की आवश्यकता है।
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गोशालाओं में हैं 7000 गाय
जिले के 63 गोशालाओं में 14453 गोवंश संरक्षित हैं। इनमें से करीब 7000 गाय हैं। यदि यह गाय जरूरतमंदों को दे दी गई तो गोशाला पर पड़ने वाला बोझ कम हो जाएगा। वहीं इनके स्थान पर दूसरे छुट्टा मवेशियों को रखा जा सकेेंगे। इससे किसानों को भी छुट्टा मवेशियों से निजात मिलेगी।
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गो पालकों को मिलेगा प्रति गोवंश प्रतिदिन 50 रुपये
पशुपालन विभाग की ओर से प्रति गोवंश 50 रुपये प्रतिदिन देने की योजना है। इसी योजना के तहत गायों को गोद लेने वाले गोपालकों को 1500 रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। इससे गोपालकों को दूध के साथ ही आर्थिक लाभ भी होगा।
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कुपोषण दूर करने के लिए यह नया प्रयोग किया जा रहा है। इसके तहत इच्छुक व्यक्ति क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क कर आवेदन कर सकता है जिसे दुधारू गाय उपलब्ध कराई जाएगी। अब तक गाय लेने के लिए 12 लोगों ने आवेदन किया है। जल्द ही उन्हें गाय दी जाएगी।
-प्रभात कुमार दास, जिला कार्यक्रम अधिकारी