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संघ की रोजा इफ्तार पार्टी में इस बार गाय का दूध

Mon, 22 May 2017 11:59 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : डेमो ‌प‌िक
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गोवध रोकने के लिए अभियान चलाने के बाद भगवा टोली इस बार गाय के दूध से रोजा इफ्तार पार्टी करने की तैयारी में है। आरएसएस की पहल पर बना राष्ट्रीय मुस्लिम मंच अबकी रमजान के दौरान देशभर में जगह-जगह इफ्तार के कार्यक्रम आयोजित करेगा।
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इसमें शरबत के साथ गाय का दूध पिलाकर लोगों को गोवध से दूर रहने को राजी किया जाएगा। कुरान और नवी के हवाले से भी तर्क देकर मुस्लिमों को समझाया जाएगा कि इस्लाम भी गोवध की इजाजत नहीं देता।

राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के राष्ट्रीय सहसंयोजक महिरध्वज सिंह ने बताया कि मंच के प्रमुख लोगों की 23 मई को लखनऊ में बैठक होगी। इसमें कार्यक्रम की रूपरेखा तय होगी। 26 मई को राजधानी स्थित छोटा इमामबाड़ा में ‘इस्तकबाल रमजान’ नाम से एक कार्यक्रम होगा।
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इसमें मुस्लिमों से आग्रह किया जाएगा कि वे खुद गोवध से दूर रहें और दूसरों को भी इसके लिए समझाएं। सिंह के मुताबिक, गाय का दूध व घी दवाई है जबकि गोश्त बीमारी का घर। गाय का संरक्षण होना चाहिए। इसीलिए दूध से इफ्तार कराने की योजना बनाई गई है।
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संघ से ही ऊर्जा लेता है मंच

डेमो
महिरध्वज सिंह के अनुसार, रमजान में सिर्फ गाय के संरक्षण का अभियान ही नहीं, तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को संगठित करने व सहायता करने का काम भी हाथ में लिया गया है। इसके लिए जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को तलाकशुदा महिलाओं के लिए आर्थिक सहयोग की अपील की जाएगी।

तीन तलाक खत्म करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच संघ से संबद्ध संगठन नहीं है। संघ के प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य कह चुके हैं कि मुस्लिम मंच राष्ट्रीय मुसलमानों का स्वतंत्र व स्वायत्त संगठन है। इसके निमंत्रण पर सामान्य लोगों की तरह स्वयंसेवक भी कार्यक्रम में शामिल होते हैं।

बावजूद इसके इस मंच से संघ के इंद्रेश कुमार जैसे वरिष्ठ प्रचारक के जुडे़ होने और यूपी से दूसरे प्रचारक महिरध्वज सिंह के इस मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक की जिम्मेदारी निभाने से साफ है कि मंच को संघ से ही ऊर्जा व प्रोत्साहन मिलता है। इसीलिए ऐसा लगता है कि गाय के दूध से इफ्तारी की योजना के पीछे भी संघ ही है।

आरएसएस के सरसंघचालक रहे कुप्पहल्ली सीतारमैया सुदर्शन के सुझाव पर दिसंबर 2002 को दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित बापू धाम में इसका गठन हुआ। संघ के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश भी इस संगठन के गठन में शामिल थे। उन्हीं के सुझाव पर इसका नाम मुस्लिम राष्ट्रीय मंच रखा गया।
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