फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: गैस की किल्लत के बीच गोबर व बायो गैस प्लांट दे रहे बेहतर विकल्प

विज्ञापन
बायो गैस और गोबर गैस प्लांट।
विज्ञापन
लखनऊ। रसोई गैस की किल्लत के बीच अब गोबर गैस और बायोगैस प्लांट सशक्त विकल्प बनकर उभर रहे हैं। राजधानी के बीकेटी और सरोजनीनगर जैसे इलाकों में घरों से लेकर शिक्षण संस्थानों तक में इनका सफल प्रयोग हो रहा है, जिससे न केवल ईंधन का खर्च बच रहा है, बल्कि अपशिष्ट प्रबंधन भी बेहतर हुआ है।
विज्ञापन


चंद्रभानु कृषि महाविद्यालय: 10 वर्ष से गोबर गैस का इस्तेमाल

बीकेटी स्थित चंद्रभानु कृषि महाविद्यालय वर्ष 2016 से अपने यहां गोबर गैस संयंत्र का सफल संचालन कर रहा है। कृषि विशेषज्ञ प्रो. डॉ. सत्येंद्र सिंह बताते हैं कि 150 वर्ग फीट में फैला दो घनमीटर का संयंत्र आज करीब 1.5 लाख रुपये की लागत में तैयार हो जाता है। इससे हर महीने लगभग दो एलपीजी सिलिंडर के बराबर गैस मिलती है। वर्तमान में 20-25 पशुओं के गोबर से तैयार होने वाली इस गैस का उपयोग दूध-पानी गरम करने, पशुओं का चारा तैयार करने और संस्थान के कर्मचारियों का भोजन पकाने में किया जा रहा है।

मुल्लाईखेड़ा: एक प्लांट से पांच परिवारों की रसोई रोशन

सरोजनीनगर के मुल्लाईखेड़ा में यूनिसेफ के सहयोग से बड़ा बायोगैस प्लांट संचालित है। प्लांट संचालक सुरेंद्र सिंह के अनुसार, 100 घनमीटर क्षमता वाले इस संयंत्र में गोबर के साथ-साथ घास, पेड़-पौधों के अवशेष और कार्बनिक कचरे का इस्तेमाल होता है। इससे 4 से 5 परिवारों के लिए ईंधन की व्यवस्था हो रही है। उन्होंने बताया कि पहले पाइपलाइन के जरिये यह गैस ग्रामीणों तक पहुंचती थी, लेकिन सड़क निर्माण के कारण वितरण फिलहाल आंशिक रूप से बाधित है। फिर भी, किसानों की बैठकों और प्रशिक्षण शिविरों का भोजन इसी गैस पर तैयार होता है।
विज्ञापन


गोबर गैस और बायोगैस में अंतर

डॉ. सत्येंद्र सिंह ने बताया कि गोबर गैस गोबर से तैयार होती है। ऑक्सीजन रहित वातावरण में बैक्टीरिया जब गोबर का विघटन करते हैं, तो मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड का मिश्रण (गैस) बनता है। वहीं, बायोगैस बनाने में गोबर के अलावा पुआल, नैपियर घास, रसोई का खराब खाना और अन्य जैविक कचरे का उपयोग किया जाता है।

बायो गैस और गोबर गैस प्लांट।

बायो गैस और गोबर गैस प्लांट।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें