कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज पर होने वाले खर्च का भुगतान निजी चिकित्सा संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के बजट से किया जाएगा। खर्च की प्रतिपूर्ति के लिए निजी चिकित्सा संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों को जिले के सीएमओ को बिल देना होगा।
सीएमओ बिल का परीक्षण और सत्यापित करके उसे मुख्य कार्यपालक अधिकारी साचीज को भेजेंगे, जहां से उन्हें भुगतान होगा। प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने इसका आदेश जारी कर दिया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनरल वार्ड के लिए 1800, हाई डिपेंडेंसी यूनिट के लिए 2700, आईसीयू बिना वेंटिलेटर के लिए 3600, आईसीयू वेंटिलेटर सहित के लिए 4500 रुपये प्रतिदिन प्रति बेड के अनुसार भुगतान किया जाएगा।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना व मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के लाभार्थियों के इलाज पर आने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति पहले की तरह ही की जाएगी।