मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि कोविड.19 के मामलों में प्रदेश का रिकवरी रेट 90 प्रतिशत से अधिक हो गया है। उन्होंने कोविड.19 से बचाव और उपचार के प्रबन्धों को प्रभावी ढंग से लागू रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री बुधवार को लोकभवन में उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि शासन स्तर पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी लखनऊ, वाराणसी, मेरठ व मथुरा के जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से नियमित संवाद स्थापित करते हुए कोविड-19 के नियंत्रण केसंबंध में उनका मार्गदर्शन करें।
उन्होंने कहा कि कोविड-19 को नियंत्रित करने के उद्देश्य से अधिक से अधिक कांटैक्ट ट्रेसिंग की जाए। इसके लिए सर्विलांस टीम पूरी सक्रियता से कार्य करे। उन्होंने एसजीपीजीआई, लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और केजीएमयू में आईसीयू के बेड्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्य मंत्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव आरके तिवारी व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
वैक्सीन आने तक कोई ढिलाई नहीं:
सीएम योगी ने कहा कि जब तक कोरोना का वैक्सीन नहीं आती, तब तक कोई ढिलाई न बरती जाए। इस मूल मंत्र के तहत ही भविष्य में भी कोरोना से जंग जारी रहेगी। कोरोना मरीजों की सुविधा के लिए एंबुलेंस सेवा सक्रियता से कार्य करे। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर को वर्ल्ड हैड वॉश डे है। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन की कार्यवाही में पुलिस मास्क, ग्लव्स व सेनिटाइजर का प्रयोग अवश्य करे ताकि संक्रमण से बचाव हो सके।
किसानों के खातों में 72 घंटे में ट्रांसफर करें धनराशि:
मुख्यमंत्री ने कहा कि मूल्य समर्थन योजना के तहत स्थापित किए गए धान क्रय केंद्रों को पूरी सक्रियता से संचालित करते हुए किसानों की अधिक से अधिक उपज की खरीद की जाए। धान बेचने वाले सभी किसानों के खाते में 72 घंटे के अंदर भुगतान की धनराशि ट्रांसफर कर दी जाए। उन्होंने कहा कि सब्जी व दालों के दाम को नियंत्रित करने के लिए सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में प्रभावी कार्यवाही करें।