भ्रष्टाचार के मामलों में बड़े अफसरों पर मुकदमा चलाने की अनुमति न देने पर सीबीआई की विशेष अदालत ने प्रदेश सरकार को जमकर फटकारा। विशेष न्यायाधीश राजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 का दुरुपयोग कर रही है। इसलिए इस अधिनियम में बदलाव बेहद जरूरी है। कोर्ट ने अफसरों के खिलाफ लचर पैरवी करने पर सीबीआई को भी लताड़ लगाई।
मामला 1998 में सूचना विभाग में समूह ‘ग’ भर्ती का है। इस मामले में तत्कालीन सूचना निदेशक आईएएस अधिकारी महेश कुमार गुप्ता, तत्कालीन डिप्टी डायरेक्टर राज गोपाल सिंह वर्मा, अपर निदेशक प्रभात कुमार सिन्हा व अखिलेश चंद्र शुक्ला पर आरोप लगे थे।
सरकार ने इस मामले में महेश गुप्ता के खिलाफ अभियोजन की अनुमति नहीं दी थी। अदालत ने सोमवार को अपने फैसले में राजगोपाल को दोषी मानते हुए उन्हें सात साल के कारावास और दो लाख जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि अपर निदेशक प्रभात कुमार सिन्हा व अखिलेश चंद्र शुक्ला को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।