लखनऊ। 15 साल पुराने चोरी के मामले में बरामद माल कोर्ट में पेश न करने पर कोर्ट ने गोमतीनगर थाने के इंस्पेक्टर से स्पष्टीकरण मांगा है। एडीजे रविंद्र प्रसाद गुप्ता ने आदेश की एक कॉपी लखनऊ पुलिस आयुक्त को भेजने का आदेश दिया।
कोर्ट ने पुलिस कार्यप्रणाली पर प्रशासनिक नियंत्रण की कमी बताई। मालखाने का प्रभार न दिए जाने को गंभीर खामी माना। पुलिस आयुक्त को मामले की जांच कर विभागीय कार्रवाई की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया। इंस्पेक्टर गोमतीनगर से मालखाना प्रभार हस्तांतरित कराने के लिए उठाए कदमों का स्पष्टीकरण मांगा गया। डीसीपी पूर्वी को मालखाना मोहर्रिर के प्रभार न देने से प्रभावित मुकदमों की संख्या व अपनी कार्रवाई पर आख्या देने का निर्देश मिला। यह मामला वर्ष 2011 में अशोक यादव व अन्य पर दर्ज चोरी की रिपोर्ट से संबंधित है। पूर्व हेड मोहर्रिर अवधेश कुमार सिंह की ओर से प्रभार न सौंपने के कारण गवाही प्रभावित हुई। मामले की अगली सुनवाई आठ अक्तूबर को होगी।