1995 में दर्ज मारपीट के एक मामले में अब तक हाजिर न होने पर यूपी के जंतु एवं उद्यान राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव समेत तीन को एक बार फिर कोर्ट ने गिरफ्तार कर 24 फरवरी को पेश करने कर आदेश दिया है।
बुधवार को सीजेएम कोर्ट ने तीनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। हालांकि, इससे पहले भी दो बार यह आदेश जारी हो चुका है।
इसके बावजूद पुलिस अब तक राज्यमंत्री और दो अन्य लोगों को नहीं ढूंढ पा रही है।
नगर स्थित मेमोरियल अस्पताल के तत्कालीन सीएमएस एमके द्विवेदी ने 27 अक्तूबर 1995 को डॉ. एसपी यादव सहित चार लोगों के खिलाफ अस्पताल में घुसकर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था।
मामले में पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने सहित मारने-पीटने के आरोप में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
तत्कालीन गैसड़ी विधायक और वर्तमान जंतु एवं उद्यान राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव, सपा जिला उपाध्यक्ष नफीस मेकरानी, गोलू व हमीद ने कोर्ट से जमानत करा ली लेकिन ट्रायल शुरू होने के बाद से कोर्ट नहीं पहुंचे।
इस दौरान हमीद की मौत हो गई। इस पर सीजेएम नासिर अहमद ने राज्यमंत्री सहित तीन को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश 10 अक्तूबर 2013 को दिया था।
इसके बाद 12 फरवरी 2014 को तीनों को पेश करने का आदेश दिया गया, जिसका अनुपालन नहीं हुआ।
इधर, राज्यमंत्री (जंतु एवं उद्यान) डॉ. एसपी यादव ने कहा कि तत्कालीन बसपा सरकार ने राजनीतिक द्वेष में फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था।
मुकदमे की पैरवी मेरे वकील द्वारा की जा रही है। गैर जमानती वारंट जारी होने की जानकारी मुझे नहीं है।
न्यायालय के आदेश का सम्मान किया जाएगा।