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अर्द्धसैनिक बलों में 72 हजार पदों की नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक, 49 हजार का हो चुका था चयन

Tue, 14 Nov 2017 10:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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इलहाबाद हाईकोर्ट ने देश के अर्द्धसैनिक बलों में 72,309 पदों पर भर्ती के लिए जारी प्रक्रिया पर अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी है। कोर्ट ने इस मामले को लेकर दाखिल सैकड़ों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई के लिए पीठ नामित करने हेतु प्रकरण मुख्य न्यायाधीश को संदर्भित कर दिया है।
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अमित सिंह चौहान समेत सैकड़ों अभ्यर्थियों ने याचिकाएं दाखिल कर वर्ष 2011 में जारी विज्ञापन पर 2017 तक भर्ती प्रक्रिया जारी रखने और बार-बार संशोधित परिणाम जारी करने को चुनौती दी है। भर्ती परीक्षा कर्मचारी चयन आयोग इलाहाबाद द्वारा आयोजित की गई थी।

याचिकाओं पर न्यायमूर्ति रामसूरत राम मौर्या ने सुनवाई के बाद आदेश पारित किया। अधिवक्ता विजय गौतम का कहना था कि अर्द्धसैनिक बलों बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी आदि में 49080 पदों पर भर्ती के लिए पांच फरवरी 2011 में विज्ञापन जारी किया गया। जिसे बाद में 21 फरवरी को संशोधित करते हुए असम राइफल्स तथा आईटीबीपी की भर्तियों को भी शामिल करते हुए कुल 72309 पद कर दिया गया।
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चयन प्रक्रिया लिखित परीक्षा, शारीरिक परीक्षा और मेडिकल टेस्ट के आधार पर आयोजित की गई। वर्ष 2011 में ही 44152 पदों का चयन परिणाम जारी कर दिया गया।
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कई बार जारी किए गए संशोधित परिणाम

शेष बचे पदों के संबंध में आयोग का कहना था कि योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने के कारण इन पदों पर चयन नहीं हो सका। बाद में इन रिक्त पदों पर भर्ती के लिए 2012 से लेकर 2017 के बीच कई बार संशोधित परिणाम जारी किया गया।

आयोग का कहना था कि बाद में जिन पदों पर भर्ती की गई वह विभिन्न राज्यों के हाईकोर्ट द्वारा दिए आदेश के अनुपालन में की गई है।

अधिवक्ता की दलील थी कि किसी भी हाईकोर्ट ने आयोग को भर्ती करने का निर्देश नहीं दिया है। हाईकोर्ट से सिर्फ शिकायतों का निस्तारण करने का आदेश हुआ है। बार-बार संशोधित चयन सूची जारी करने का कोई नियम नहीं है और न ही विज्ञापन की शर्तों में ऐसा कुछ कहा गया है।
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