यूपीसीपीएमटी-2015 पर रोक लगाने से इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने इन्कार किया है। न्यायालय का कहना है कि एडमिशन पाने वाला ऐसा कोई भी स्टूडेंट जिसके खिलाफ एसटीएफ की जांच में साक्ष्य पाए जाएंगे उसका एडमीशन कोर्ट के निर्णयाधीन रहेगा।
वहीं टेस्ट में अनुचित फायदा उठाने वालों व अनियमितताएं करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने यह आदेश परीक्षा को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।
यूपीसीपीएमटी-2015 में शामिल निरुपमा और दो अन्य स्टूडेंट्स की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया था कि टेस्ट में कई अनियमितताएं सामने आई थीं, जिस पर एफआईआर दर्ज हुई है। लेकिन अनियमितताओं की वजह से अभ्यर्थियों के हित प्रभावित हो सकते हैं।