भ्रष्टाचार के मामले में अदालती फरमान और कारण बताओ नोटिस को नजरअंदाज करने और गवाही देने के लिए हाजिर नहीं होने पर अदालत ने अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. बीपी अशोक पर 50 रुपये जुर्माना ठोका है।
भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश संदीप गुप्ता ने डीजीपी और प्रमुख सचिव को निर्देश दिया कि एएसपी के वेतन से जुर्माने की रकम की कटौती की जाए और इसे उनकी सर्विस बुक में भी दर्ज किया जाए।
अदालत ने उनकी गिरफ्तारी का वारंट भी जारी किया है। डॉ. बीपी अशोक फिलहाल प्रशिक्षण निदेशालय में तैनात हैं। भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश संदीप गुप्ता ने कहा कि डॉ. बीपी अशोक आदेश के बावजूद हाजिर नहीं हो रहे।
लिहाजा उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा रहा है। उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को होगी। कोर्ट ने आदेश दिया कि प्रमुख सचिव गृह के साथ ही डीजीपी को पत्र लिख कर आदेश की जानकारी दी जाए।