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कचहरी ब्लास्ट का मास्टर माइंड निकला यासीन भटकल

Tue, 08 Oct 2013 01:59 AM IST
विष्णु मोहन/लखनऊ
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उत्तर प्रदेश के सनसनीखेज कचहरी ब्लास्ट में आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के कमांडर यासीन भटकल को भी आरोपी बनाया जाएगा।
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भटकल से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद एटीएस अब इस मामले में उसका नाम जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके बाद उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।

भटकल ने ही वर्ष 2007 में लखनऊ, फैजाबाद व वाराणसी कचहरी में सिलसिलेवार ब्लास्ट के लिए विस्फोटक मुहैया कराए थे।

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इस मामले में कई लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से खालिद मुजाहिद की पिछले दिनों पेशी पर ले जाए जाने के दौरान पुलिस अभिरक्षा में मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य फरार है।

2007 में कचहरी ब्लास्ट के बाद एसटीएफ ने मामले की जांच की थी। इसमें खालिद मुजाहिद, तारिक काजमी के अलावा कश्मीरी मूल के दो लोगों समेत अन्य को गिरफ्तार किया गया था।
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पिछले दिनों नेपाल सीमा पर खुफिया एजेंसियों के हत्थे चढ़े आईएम कमांडर यासीन भटकल व उसके साथी असदुल्ला उर्फ हड्डी से लगातार पूछताछ जारी है।

विभिन्न प्रांतों में हुए विस्फोटों में भटकल की संलिप्तता सामने आने के बाद संबंधित राज्यों की जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं।

बहरहाल, उत्तर प्रदेश में यासीन भटकल की सीधी संलिप्तता अभी तक सिर्फ वाराणसी के शीतलाघाट विस्फोट में सामने आई थी। इसमें उसके साथ तहसीन अख्तर व अन्य के नाम सामने आए थे।

एटीएस अभी तक भटकल से शीतलाघाट विस्फोट के बारे में ही पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की कोशिश में थी, लेकिन अब उसे जानकारी मिली है कि यूपी कचहरी ब्लास्ट में इस्तेमाल हुए विस्फोटक का प्रबंध भटकल ने ही किया था।

उसने बाटला हाउस कांड में पकड़े गए आईएम आतंकी मोहम्मद सैफ को कर्नाटक के एक  रेलवे स्टेशन पर ये विस्फोटक दिए थे। सैफ ने विस्फोटक यूपी लाकर आरिज बदर को सौंप दिए थे।

आरिज बदर ने इन विस्फोटकों से बम बनाए और अपने दूसरे साथी आरिज खान को दे दिए थे। बम रखने का काम आरिज खान ने ही किया था।

गौरतलब है कि आरिज खान फरार है और उसकी गिरफ्तारी पर एनआईए की ओर से दस लाख का इनाम घोषित है। वहीं आरिज बदर को जयपुर सीरियल ब्लास्ट के सिलसिले में वर्ष 2008 में लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था।

एटीएस के साथ ही केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने भी इन सभी तथ्यों की तस्दीक के बाद इन्हें सही पाया है। आरिज बदर व आरिज खान का नाम तो कचहरी ब्लास्ट में दर्ज है लेकिन मोहम्मद सैफ व यासीन भटकल अभी तक इस मामले में नामजद नहीं थे।
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एटीएस फिलहाल भटकल को कचहरी ब्लास्ट में नामजद करने जा रही है। इसके बाद उसे शीतलाघाट व कचहरी ब्लास्ट मामलों में पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की कोशिश होगी।
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