एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने जेल अधिकारियों को धमकी देने के दो अलग-अलग मामले में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को कोर्ट में पेश न किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है।
उन्होंने अभियोजन को आदेश दिया कि पंजाब की रोपड़ जेल से रिपोर्ट तलब कर बताएं कि मुख्तार वहां बंद है या नहीं। साथ ही गवाहों को वारंट जारी करते हुए सुनवाई की तारीख 18 जनवरी तय कर दी।
इससे पहले कोर्ट के पूछने पर बांदा जेल की रिपोर्ट में बताया गया कि मुख्तार अंसारी रोपड़ जेल में बंद है, लेकिन वहां से कोर्ट को यह नहीं बताया गया है कि मुख्तार वहां बंद है या नहीं।
मुख्तार अंसारी के खिलाफ पहला मामला कारागार के तत्कालीन अपर महानिरीक्षक एसपी सिंह पुंडीर ने 1 मार्च 1999 को कृष्णानगर थाने में जान-माल की धमकी देने का दर्ज कराया था। इसमें तत्कालीन विधायक अभय सिंह को भी आरोपी बनाया गया था। इस मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ 22 दिसंबर 2013 को आरोप तय किए गए।
इस मामले में सोमवार को अभय सिंह कोर्ट में हाजिर हुए और अपनी बहस कराई। वहीं, मुख्तार के खिलाफ दूसरा मामला तत्कालीन जेलर एसके अवस्थी ने आलमबाग थाने में 28 अप्रैल 2003 को दर्ज कराया था।
इस मामले में 28 जून 2013 को आरोप तय होने के बाद अभी तक सिर्फ छह गवाहों की गवाही कराई गई। जबकि अदालत के आदेशों के बावजूद अभियोजन गवाहों की गवाही नहीं कर रहा है। इस पर कोर्ट ने गवाहों को पेश करने के लिए अंतिम अवसर देते हुए गवाहों के नाम वारंट जारी करने का आदेश दिया है।