लखनऊ। जायदाद के लिए रिश्तों का खून करने वाले अजय सिंह व उसकी पत्नी रूपा सिंह को सत्र अदालत ने दोषी करार दिया है। एडीजे रोहित सिंह ने सजा पर फैसले के लिए 21 दिसंबर की तारीख तय की है। दंपती ने वर्ष 2020 में अपने मां-पिता, भाई-भाभी, भतीजा व भतीजी की निर्मम हत्या कर दी थी।
एक मई, 2020 को इस वारदात की एफआईआर गुड्डी ने बंथरा थाने में दर्ज कराई थी। वह अपने ससुराल में थी। सूचना मिली कि उसके पिता अमर सिंह, मां राम दुलारी, भाई अरुण सिंह, भाभी रामसखी, भतीजा सौरभ व भतीजी सारिका की हत्या उसके बड़े भाई अजय व उनके नाबालिग बेटे ने गड़ासे से काटकर व तमंचे से गोली मारकर कर दी है।
गुड्डी का कहना है कि आरोपी दंपती व इनका बेटा पहले से ही ईर्ष्या रखते थे। हमेशा जमीन बेचकर पैसा देने को कहते थे। इससे पहले छोटे भाई सोनू सिंह के इलाज के लिए आरोपी दंपती ने मदद करने से इन्कार कर दिया था। पिताजी ने उसका इलाज आम का बाग बेचकर किया था। पर उसकी मौत हो गई थी। इन्हें शक था कि पिता जमीन बेचकर सारा हिस्सा छोटे भाई अरुण व उसकी पत्नी के नाम करे देंगे। इसी कारण जघन्य वारदात अंजाम दी।
आरोपी अपने बेटे के साथ खुद ही पहुंच गया था थाने
परिजनों की हत्या करने के बाद अजय सिंह अपने नाबालिग बेटे के साथ खुद ही थाने पहुंच गया था। अजय के हाथ में गड़ासा और उसका बेटा तमंचा व कारतूस लिए था। थाने पर बताया था कि पिता व भाई जमीन बेचकर हिस्सा नहीं दे रहे थे। इसलिए अपने बेटे के साथ मिलकर सबकी हत्या कर दी। 18 जनवरी 2023 को अदालत ने अभियुक्त अजय व रूपा पर समान हत्या व साजिश की धारा में आरोप तय किया। अजय पर अलग से आर्म्स एक्ट में भी आरोप तय हुआ। नाबालिग होने के चलते बेटे का मामला जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड भेज दिया गया।
दोस्त के हत्यारे को आजीवन कारावास
लखनऊ। हत्या के एक मामले में दोषी करार दिए गए श्रीकांत उर्फ पिंकू को सत्र अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। एडीजे नरेंद्र कुमार तृतीय ने 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन के मुताबिक श्रीकांत ने सीतापुर में अपने विरुद्ध चल रहे एक मुकदमे से बचने के लिए साथी नरेंद्र चौहान उर्फ नन्का की सिर काटकर हत्या कर दी थी। साथ ही लाश को अपना कपड़ा पहनाकर तालाब में फेंक दिया था। दोनों साथ में मजदूरी का काम करते थे। सात मई, 2022 को मृतक की पत्नी आशा देवी ने मामले की एफआईआर थाना गुडंबा में दर्ज कराई थी।