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नीट पीजी-2018 की काउंसलिंग के लिए 23 मार्च से करें रजिस्ट्रेशन, अनिवार्य सेवा का भी भरना होगा बांड

Fri, 09 Mar 2018 10:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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स्टेट कोटे की 50 फीसदी सीटों के लिए नीट पीजी-2018 की काउंसलिंग प्रक्रिया 23 मार्च से 28 मार्च के बीच होगी। सत्र 2018-19 में प्रवेश के लिए 1 से 3 अप्रैल तक पहली काउंसलिंग को देखते हुए 23 से 28 मार्च तक ऑनलाइन पंजीकरण किए जा सकेत हैं।
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संभावना है कि 31 मार्च को मेरिट लिस्ट आने के बाद 5 अप्रैल को आवंटित सीटों की पहली सूची जारी होगी। इसके बाद सेकेंड काउंसलिंग की प्रक्रिया 13 अप्रैल से शुरू होगी।

नेशनल बोर्ड ऑफ एक्जामिनेशन (एनबीई) ने नेशनल इलिजिबिलटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) पीजी-2018 की लिखित परीक्षा 7 जनवरी 2018 को करायी थी। एमडी-एमएस में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रवेश परीक्षा की राज्य रैंकिंग जल्द जारी होने की संभावना है।
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इसे देखते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्टेट कोटे की 50 फीसदी सीटों के लिए काउंसलिंग की तैयारियां शुरू कर दी हैं। काउंसलिंग में शामिल होने के लिए दो हजार रुपये और मॉप आप राउंड के लिए एक हजार रुपये शुल्क देना होगा।

इसके अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेजों के लिए 30 हजार रुपये और निजी क्षेत्र के मेडिकल डेंटल कॉलेजों के लिए दो लाख रुपये सिक्योरिटी मनी देनी होगी। आवंटन और प्रवेश के बाद ये राशि अभ्यर्थी के खाते में वापस कर दी जाएगी।

ये अभ्यर्थी नहीं होंगे शामिल

CSIR UGC NET exam
-ऐसे अभ्यर्थी जिनकी इंटर्नशिप 31 मार्च 2018 तक पूरी नहीं होगी, वह इस काउंसलिंग में शामिल नहीं हो सकेंगे।
-ऐसे अभ्यर्थी जो एमबीबीएस-बीडीएस एएमयू और बीएचयू या फिर राज्य के बाहर किसी चिकित्सा संस्थान से उत्तीर्ण हैं वह भी इसमें शामिल नहीं होंगे।
-पढ़ाई कर रहे ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने 17 अक्तूबर-2017 के बाद सीट से त्यागपत्र दिया हो वह भी काउंसलिंग में शामिल नहीं हो पाएंगे।
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अनिवार्य राजकीय सेवा का भरना होगा बांड

पीजी डिग्री पूरी करने के बाद राजकीय क्षेत्र में अनिवार्य सेवा संबंधी बांड व्यवस्था भी इसी सत्र से लागू की जाएगी। अभ्यर्थियों को प्रवेश के समय पांच लाख रुपये का बांड महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के नाम देना होगा। यदि अभ्यर्थी प्रवेश के बाद अपना पाठ्यक्रम पूरा करने की जगह सीट छोड़ देते हैं तो उसे पांच लाख का भुगतान महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को देना होगा। इसके अलावा निजी मेडिकल या डेंटल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थी अपना पाठ्यक्रम पूरा होने से पहले सीट छोड़ेंगे तो उन्हें पूरी ट्यूशन फीस का भुगतान करना होगा। आरक्षण प्रदेश में लागू नियमों के अनुसार ही दिया जाएगा।

चिकित्सा शिक्षा के महानिदेशक डॉ. केके गुप्ता  ने कहा कि नीट पीजी काउंसलिंग के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। ये काउंसलिंग स्टेट कोटे की 50 फीसदी सीटों के लिए होगी।
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