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Lucknow News: पानी, सीवर, सड़क और सफाई के मसले पर अफसरों को घेरेंगे पार्षद

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लखनऊ। ये तो महज कुछ तीन उदाहरण हैं। चार सितंबर को होने वाली नगर निगम की सदन की बैठक में पार्षद पानी, सीवर, सड़क और सफाई के ऐसे ही सवालों पर अफसरों को घेरने की तैयारी में है।
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पार्षदों की ओर से वार्डों की समस्याओं को लेकर सदन में जो सवाल उठाए जाने हैं, वह भेज भी दिए गए हैं। जो सवाल भेजे गए हैं, उनमें किसी वार्ड में नलकूप खराब हैं तो कहीं पाइपलाइन ही अधूरी है। कहीं सीवरलाइन नहीं है तो कहीं सफाई नहीं होती। किसी वार्ड में क्षेत्रफल के मानक के तहत सफाई कर्मचारी नहीं हैं, तो कहीं पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गईं सड़कें नहीं बनी हैं। पार्षदों ने ऐसे सवालों के जवाब अफसरों से मांगे हैं।
केस - 1 :
गोमतीनगर वार्ड के पार्षद कौशल शंकर पांडेय का कहना है कि उनके वार्ड में अमृत योजना के तहत पानी की बड़ी टंकी बन गई है। नलकूप भी लग गया है, लेकिन पेयजल पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन देने का काम अधूरा छोड़ दिया गया। जलकल विभाग ने उसे हैंडओवर भी नहीं लिया। इससे करोड़ों खर्च होने के बाद भी कोई फायदा लोगों को नहीं मिला रहा है।
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केस - 2 : कुंवर ज्योति प्रसाद वार्ड की पार्षद गौरी सांवरिया का कहना है कि उनके वार्ड में चार नलकूप चार सालों से खराब पड़े हैं। इन्हें रिबोर कराने की जरूरत है, मगर अब तक नहीं हुए, जबकि पूर्व में नगर निगम सदन और कार्यकारिणी में समस्या उठाई जा चुकी है। नलकूप रिबोर न होने से इलाके में पेयजल संकट बना हुआ है।



केस - 3 : सरोजनीनगर द्वितीय वार्ड के पार्षद रामनरेश रावत का कहना है कि अमृत-2.0 योजना के तहत वार्ड में पेयजल पाइपलाइन डालने के लिए जल निगम के ठेकेदार ने सड़कें खोद दी। पाइपलाइन डाली, मगर सड़कों को अब तक नहीं बनाया, जबकि कई बार मांग की जा चुकी है। सड़क न बनने से आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यकारिणी में पास प्रस्ताव लाए जाएंगे
सदन में कार्यकारिणी से पास प्रस्ताव मंजूरी के लिए लाए जाएंगे। सदन की मंजूरी के बाद ही वह लागू हो पाएंगे। कांग्रेस पार्षद दल की नेता ममता चौधरी का कहना है कि सदन कार्यकारिणी से पास प्रस्ताव में संशोधन कर सकता है, स्थगित कर सकता है, उसे लागू होने से रोक भी सकता है। कार्यकारिणी में महज 12 पार्षद रहते हैं, जबकि सदन में 110 पार्षद रहते हैं। कार्यकारिणी ने जो प्रस्ताव पास किए थे, उनमें दाखिल-खारिज शुल्क कम करने, पार्किंग नियमावली को मंजूरी, हर वार्ड में 50-50 स्ट्रीट लाइटें लगवाने और विभिन्न महापुरुषों के नाम पर चौराहों, सड़कों का नामकरण और प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव शामिल है।
सदन से पहले पैचवर्क के टेंडर होने लगे तैयार
खराब सड़कों की मरम्मत के लिए सदन में हंगामा कम हो, उसके लिए नगर निगम प्रशासन सड़कों के गड्ढे भरने के लिए पैचवर्क का टेंडर तैयार कर रहा है और इन्हें चार सितंबर से पहले जारी करने की तैयारी है। पैचवर्क बारिश समाप्त होने पर 15 सितंबर या उसके बाद शुरू किया जाएगा। इस पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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