कफ सिरप तस्करी गिरोह के फरार आरोपी शुभम जायसवाल और उसके दो साथियों को भारत लाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। यूपी एसटीएफ ने विदेश मंत्रालय के माध्यम से संयुक्त अरब अमीरात सरकार को उनकी संशोधित प्रोविजनल अरेस्ट (अस्थायी गिरफ्तारी) की अर्जी भेजी है। अर्जी स्वीकार होने पर यूएई की एजेंसियां आरोपियों को हिरासत में ले सकेंगी।
इससे उनके प्रत्यर्पण या निर्वासन की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ ने करीब एक माह पहले इंटरपोल की नोडल एजेंसी सीबीआई को प्रारंभिक अर्जी भेजी थी। उसमें कुछ तकनीकी कमियां थीं, जिन्हें दूर कर अब संशोधित प्रस्ताव भेजा गया है।
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शुभम जायसवाल, गौरव जायसवाल और वरुण सिंह के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस पहले ही जारी हो चुका है। तीनों के पासपोर्ट भी निरस्त कराए जा चुके हैं। ये तीनों वर्तमान में दुबई में छिपकर रह रहे हैं। यूएई सरकार द्वारा अर्जी स्वीकार होने के बाद उनकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ होगा। अधिकारियों का मानना है कि शुभम की गिरफ्तारी से इस गिरोह के संचालन के कई अहम राज खुलेंगे।
9 के खिलाफ दाखिल हो चुके हैं आरोप पत्र
एसटीएफ और एफएसडीए ने 2025 में कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। इस मामले में 30 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा गया था। एसटीएफ ने नौ आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया है। शुभम और उसके दो अन्य साथी इस मामले के मुख्य आरोपी हैं, जो दुबई में हैं। इनकी गिरफ्तारी के प्रयास लगातार जारी हैं।