नशीले कफ सिरप सिंडिकेट की जांच में फेंसेडिल सिरप बनाने वाली मल्टीनेशनल कंपनी एबॉट पर एजेंसियों का शक गहराता जा रहा है। कंपनी द्वारा बीते वर्ष दिसंबर माह में अचानक फेंसेडिल सिरप का उत्पादन बंद करने की वजहों का पता लगाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो कोडीनयुक्त कफ सिरप के उत्पादन और बिक्री पर लगे तमाम प्रतिबंधों के बावजूद कंपनी इसका धड़ल्ले से उत्पादन करने के साथ संदिग्ध फर्मों को बेच रही थी।
अधिकारियों के मुताबिक कोडीनयुक्त कफ सिरप देश भर में 20 से ज्यादा फार्मास्युटिकल्स कंपनी द्वारा बनाया जाता है, लेकिन बीते कुछ वर्षों के दौरान अधिकतर विवाद फेंसेडिल कफ सिरप को लेकर सामने आए हैं। इस सिरप को कई बार तस्करी की कोशिश करने के दौरान एसटीएफ, एफएसडीए, नारकोटिक्स आदि एजेंसियों द्वारा पकड़ा भी गया, हालांकि इसके बावजूद कंपनी ने सावधानी नहीं बरती।
इतना ही नहीं, उत्पादन बंद करने से पहले उसने विभोर राणा, विशाल सिंह, अभिषेक शर्मा की फर्मों में बचा हुआ करीब 100 करोड़ रुपये का सिरप वापस मंगाकर शुभम जायसवाल की रांची स्थित शैली ट्रेडर्स को बेच दिया था, जिसे बाद में बांग्लादेश भेजा गया।
इस मामले में गिरफ्तार हो चुके कई आरोपियों ने फेंसेडिल कफ सिरप की तस्करी में एबॉट कंपनी के अधिकारियों की मिलीभगत को भी स्वीकारा है। एसटीएफ ने कंपनी को नोटिस देकर तमाम सवाल पूछे हैं, जिनका पूरा जवाब अभी नहीं मिला है। जल्द ईडी भी कंपनी पर अपना शिकंजा कसने की तैयारी में है।