उत्तर रेलवे की कैरिज एंड वैगन वर्कशॉप में भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई है। आरोप है कि आला अधिकारी ठेकेदार से मिलीभगत कर उसका पूरा भुगतान करने का दबाव बना रहे हैं। जबकि ठेकेदार की ओर से बिजली से संबंधित कार्य पूरे नहीं कराए गए हैं। इतना ही नहीं इनके मानकों के अनुरूप नहीं होने का भी आरोप है। ऐसे में संबंधित अधिकारी ने मुख्य कारखाना प्रबंधक और नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के महामंत्री को शिकायती पत्र लिखकर मदद मांगी है। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
अरुण चोपड़ा कैरिज एंड वैगन वर्कशॉप आलमबाग में वरिष्ठ खंड अभियंता, विद्युत पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने मुख्य कारखाना प्रबंधक और नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्र से मामले की शिकायत की है। उन्हें भेजे गए पत्र में आरोप लगाया है कि हाई मास्ट की फाउंडेशन बनाते समय ठेकेदार ने न तो मिट्टी की जांच करवाई और न ही मैटीरियल लाते समय अनुमति ली। एग्रीमेंट के मुताबिक हाई मास्ट पर कॉपर प्लेट अर्थिंग भी ठीक से नहीं की गई। इसके अलावा पत्र में उन्होंने अन्य मानकों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है। चोपड़ा ने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि उनपर त्यागपत्र देने और छुट्टी पर जाने का दबाव बनाया जा रहा है। अरुण चोपड़ा द्वारा लिखी गई चिट्ठी जब शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामला रेल मंत्रालय व बोर्ड तक पहुंच गया।
आग की जांच की मांग
कैरिज एंड वैगन वर्कशॉप के लेखा विभाग में पिछले दिनों लगी आग के मामले में नॉर्दर्न रेलवे मेंस यूनियन के मंडल मंत्री अरुण गोपाल मिश्र ने वर्कशॉप के मुख्य कारखाना प्रबंधक को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और गंभीर होनी चाहिए। यह प्रकरण वर्कशॉप के लिए शर्मिंदगी का विषय है।
कैरिज एंड वैगन वर्कशॉप में पेमेंट को लेकर बनाए जा रहे दबाव का मामला संज्ञान में आया है। इसे कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेज दिया गया है।
- दीपक कुमार, सीपीआरओ, उत्तर रेलवे