एसपी अनिल कुमार सिंह का कहना है कि, सिपाही को शिकायत मिलने पर दो माह पहले लाइन हाजिर किया गया था। दुर्भावना से साजिश के तहत वीडियो बनाया गया है। वीडियो में पैसे के लेनदेन की बात साफ नहीं है। जिस थानाध्यक्ष की बात कही जा रही है वह खुद सच्चाई बताएगा। वीडियो को जांच के लिए भेजकर जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मामले पर डीजीपी उत्तर प्रदेश ओम प्रकाश सिंह का कहना है कि जो भी वीडियो वायरल हो रहा है उसकी सत्यता की जांच की जाएगी। यह भी पता किया जाएगा कि वीडियो कब का है? सिपाही जो आरोप लगा रहा है उसमें क्या सच्चाई है। इसके बाद आरोप सही पाए गए तो निश्चित रूप से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।